#राजनीति
August 3, 2026
सीएम सुक्खू की सुधीर शर्मा को चुनौती, संपत्ति वैध है- तो डर क्यों रहे हो... "मैं हर जांच के लिए तैयार"
हिमाचल में आय से अधिक संपत्ति की जांच पर सियासी घमासान
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शिमला/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस की कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के खिलाफ दर्ज विजिलेंस एफआईआर के बाद कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। एक ओर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार पारदर्शिता और जांच की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुधीर शर्मा सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखे हमले बोल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में अब यह मामला केवल विजिलेंस जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कांग्रेस और भाजपा के बीच खुली सियासी जंग का रूप ले चुका है।
चंबा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सुधीर शर्मा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी नेता ने अपनी संपत्ति पूरी तरह वैध तरीके से अर्जित की है तो उसे जांच से घबराने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आय के सभी स्रोत स्पष्ट हैं तो संबंधित व्यक्ति को अपनी चल-अचल संपत्ति और उससे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर देने चाहिए, ताकि जनता के मन में किसी प्रकार का संदेह न रहे। सीएम सुक्खू ने इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि जांच में बेनामी या आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति सामने आती है तो कानून अपना काम करेगा और ऐसी संपत्ति को जब्त कर उसे गरीबों में बांट दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी गलत तरीके से संपत्ति अर्जित नहीं की और यदि किसी भी एजेंसी को जांच करनी हो तो वह पूरी तरह तैयार हैं। उनका कहना था कि उनकी संपत्ति वर्षों पहले जितनी थी, आज भी लगभग उसी स्तर पर है। उन्होंने दोहराया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले हर जनप्रतिनिधि को पारदर्शिता अपनानी चाहिए और जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग करना चाहिए।
उधर धर्मशाला में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी जांच करा ले और जितनी एफआईआर दर्ज करनी हों कर ले, भाजपा डरने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से उनके परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों तक के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार को कुछ भी गलत नहीं मिला है।
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सुधीर शर्मा ने दावा किया कि भाजपा अब मुख्यमंत्री से जुड़े चुनावी हलफनामों और अन्य तथ्यों को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएगी। जरूरत पड़ने पर न्यायालय जाने से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा एक विस्तृत चार्जशीट तैयार कर रही है, जिसमें कथित रूप से विभिन्न मामलों से जुड़े दस्तावेज और तथ्य शामिल किए जाएंगे। उनका कहना था कि अभी तक केवल शुरुआत हुई है और आने वाले समय में कई और राजनीतिक खुलासे किए जाएंगे।
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सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों के विकास कार्य प्रभावित किए जा रहे हैं और विधायक निधि समय पर जारी नहीं की जा रही। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक आधार पर कार्रवाई कर रही है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल कानून और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस जांच अब हिमाचल की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। मुख्यमंत्री के सख्त तेवर और सुधीर शर्मा के लगातार पलटवार से साफ है कि आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है। अब सभी की नजरें विजिलेंस जांच की अगली कार्रवाई और दोनों दलों की आगामी राजनीतिक रणनीति पर टिकी हुई हैं।