#राजनीति
January 12, 2026
इस बार जमीनी जरूरतों पर आधारित होगा हिमाचल का बजट, CM सुक्खू ने शुरू की तैयारी
वित्त विभाग तैयार करेगा बजट का अंतिम प्रारूप
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार ने विधायकों की प्राथमिकताओं को सीधे बजट प्रक्रिया से जोड़ने के लिए दो दिवसीय विशेष बैठक आयोजित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में यह बैठक 4 और 5 फरवरी 2026 को हिमाचल प्रदेश सचिवालय में होगी।
इस बैठक को बजट पूर्व प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों की स्थानीय जरूरतों, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को बजट में शामिल करने की दिशा तय की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य इस बार ऐसा बजट तैयार करना है, जो कागजी योजनाओं के बजाय ज़मीनी हकीकत और आम जनता की आवश्यकताओं पर आधारित हो। बैठक के दौरान विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्ताव रखेंगे। इनमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना, रोजगार, पर्यटन और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विषय शामिल रहेंगे। इन सुझावों के आधार पर वित्त विभाग बजट का अंतिम प्रारूप तैयार करेगा।
4 फरवरी 2026 : समय- सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
जिले : कांगड़ा, कुल्लू
4 फरवरी 2026 : समय - दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
जिले : सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति, किन्नौर
5 फरवरी 2026 : समय - सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
जिले : शिमला, मंडी
5 फरवरी 2026 : समय - दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
जिले: ऊना, हमीरपुर, सिरमौर
बता दें कि, पिछले वर्ष विधायक प्राथमिकता बैठक को लेकर विपक्ष ने विरोध का रास्ता अपनाया था और इसका बहिष्कार किया था। विपक्ष का कहना था कि ऐसी बैठकों का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना रह गया है,
जबकि विधायकों द्वारा रखे गए सुझावों को बजट में उचित स्थान नहीं मिलता। इसी कारण उन्होंने बैठक से दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर यह देखना अहम होगा कि इस बार विपक्ष बैठक में भाग लेता है या फिर वही रुख अपनाता है।