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January 12, 2026
सुक्खू सरकार की बड़ी कार्रवाई: चिट्टा तस्करी में शामिल 11 पुलिस कर्मी नौकरी से किए टर्मिनेट
चिट्टा तस्करी करना 11 पुलिस कर्मियों को पड़ा महंगा, गई नौकरी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टा और नशे के खिलाफ अपनी "जीरो टॉलरेंस” नीति को अमल में लाते हुए एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन पुलिस वालों पर की गई है, जो चिट्टा तस्करों को जेल में डालने की बजाय खुद ही इस नशा तस्करी के धंधे में उतर गए। वर्दी की आड़ में इन पुलिस कर्मियों ने चिट्टा तस्करी को बढ़ावा दिया। अब सुक्खू सरकार ने इन नशा तस्कर पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस सेवा से टर्मिनेट कर दिया है। यह कार्रवाई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत की गई हैए जो यह स्पष्ट करती है कि अब वर्दी की आड़ में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई संरक्षण नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के स्पष्ट निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई को प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम का अब तक का सबसे कड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जो लोग चिट्टा तस्करों को पकड़ने के लिए तैनात हैं, यदि वही इस गोरखधंधे में शामिल पाए जाते हैं, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
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सोमवार को शिमला में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का पहला और अंतिम कर्तव्य चिट्टा तस्करी और नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करना है। यदि पुलिसकर्मी ही चिट्टे के नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे, तो ऐसे लोगों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चिट्टा कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए सरकार के पास कोई सहानुभूति नहीं है।
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सेवा से बर्खास्त किए गए पुलिस कर्मियों में भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, जिला बिलासपुर के कांस्टेबल शुभम ठाकुर, आईआरबी पंडोह के कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ के कांस्टेबल शिव कुमार, जिला शिमला के कांस्टेबल लक्ष्य चौहान, स्टेट विजिलेंस एवं एसीबी में तैनात कांस्टेबल-ड्राइवर विशाल ठाकुर शामिल हैं। इसके अलावा आईआरबी जंगलबैरी के कांस्टेबल गौरव वर्मा, आईआरबी सकोह के कांस्टेबल/ड्राइवर संदीप राणा, एसडीआरएफ के कांस्टेबल अंकुश कुमार, स्टेट सीआईडी के कांस्टेबल रजत चंदेल और जिला शिमला के कांस्टेबल राहुल वर्मा को भी सेवा से बाहर कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टा तस्करी और नशे की गतिविधियों में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्य सचिव को सौंपी जाए। साथ ही, चिट्टा कारोबार से अर्जित संपत्तियों का पूरा ब्यौरा तैयार कर सरकार को भेजने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नशे के पैसे से बनाई गई अवैध संपत्तियों को भी ध्वस्त किया जाएगा।
सीएम ने घोषणा की कि 21 और 22 जनवरी को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने और जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश में एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे।
चिट्टा तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने इनाम योजना को भी और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दो ग्राम चिट्टे की सूचना देने पर 10 हजार रुपये, पांच ग्राम पर 25 हजार, 25 ग्राम पर 50 हजार, एक किलो पर पांच लाख और एक किलो से अधिक चिट्टे की सूचना पर 10 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। बड़े गिरोह की जानकारी देने पर इससे भी अधिक इनाम दिया जा सकता है। चिट्टा से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए 112 आपातकालीन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।