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January 18, 2026

हिमाचल भाजपा के लिए सुखद तस्वीर: जयराम-अनुराग हुए एक तो कांग्रेस का क्या होगा ?

अनुराग ठाकुर और जयराम ठाकुर एक साथ ट्रेन में दिल्ली रवाना

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Anurag Thakur Jairam Thakur

नई दिल्ली/शिमला। शोर, बयानबाज़ी और गुटबाजी की चर्चाओं के बीच अगर कहीं मुस्कान दिखाई दे जाए, तो समझिए राजनीति अब भी ज़िंदा है। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर अंदरूनी खींचतान और टकराव की खबरें सुर्खियों में हैं। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी एक तस्वीर ने सियासी माहौल को अचानक बदल दिया है।

सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर में हिमाचल भाजपा के दो सबसे बड़े चेहरे-नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर-एक साथ ट्रेन में बैठे नज़र आ रहे हैं। दोनों नेता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव हेतु मतदान के लिए ऊना से दिल्ली रवाना हुए। इस तस्वीर को अनुराग सिंह ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है। 

साधारण तस्वीर, लेकिन गहरे मायने

अबएक नज़र में यह तस्वीर भले ही साधारण लगे, लेकिन हिमाचल की राजनीति को समझने वाले इसके कई मायने निकाल रहे हैं। बीते कुछ समय से प्रदेश भाजपा के भीतर कथित गुटबाजी की खबरें लगातार चर्चा में रही हैं। ऐसे में दोनों नेताओं का एक साथ दिखाई देना राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

 

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मंडी के नारों से बढ़ी थीं चर्चाएं

कुछ माह पहले मंडी जिले में कार्यकर्ताओं द्वारा अनुराग सिंह ठाकुर को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने के नारे लगे थे। इसके बाद जयराम ठाकुर का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बड़ा नेता वही होता है, जिसने पार्टी के लिए बड़ा योगदान दिया हो। इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद की अटकलें तेज़ हो गई थीं।

“हम पांच पांडव हैं” वाला संदेश

इसी बीच अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया था कि भाजपा में कोई गुटबाजी नहीं है। उन्होंने कहा था-हम पांच पांडव हैं और मिलकर कौरवों से मुक़ाबला करेंगे। इस बयान को पार्टी की एकजुटता का संदेश माना गया, लेकिन सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाज़ार तब भी गर्म रहा।

 

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ऊना से दिल्ली तक का साथ, क्या बातें होंगी

ऊना से दिल्ली तक के इस छह-सात घंटे लंबे सफ़र में किन मुद्दों पर बातचीत हुई-पार्टी संगठन, प्रदेश की राजनीति या आने वाले राज्यसभा चुनाव-इस पर अटकलें तेज़ हैं। सोशल मीडिया पर लोग यही सवाल कर रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच इस दौरान क्या संवाद हुआ होगा।

कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान बनी पृष्ठभूमि

दूसरी ओर हालिया दिनों में कांग्रेस सरकार के भीतर मंत्रियों के बीच खेमेबाज़ी, बयानबाज़ी और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है। इसी पृष्ठभूमि में भाजपा के दोनों बड़े नेताओं की यह तस्वीर और अधिक अहम मानी जा रही है।

 

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बाकी, राजनीति में अंतिम नतीजे सामने आने से पहले किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचना आसान नहीं होता। लेकिन इतना तय है कि इस एक तस्वीर ने हिमाचल की राजनीति को फिलहाल एक सुकून का पल ज़रूर दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह साथ सिर्फ़ तस्वीरों तक सीमित रहता है या ज़मीनी राजनीति में भी इसका असर दिखाई देता है।

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