#राजनीति
March 19, 2026
कैबिनेट रैंक पर जयराम का तंज: सरकार ने चहेतों को पहले "पहनाए कोट", अब 'लंगोट' पहना दिए
हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में तकरार के साथ शायरी का भी चला दौर
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन सियासी तकरारए तीखे तंज और शायरी के रंग में रंगा नजर आया। सदन में एक ओर गंभीर मुद्दों पर बहस हुईए तो दूसरी ओर नेताओं के बीच आरोप.प्रत्यारोप और व्यंग्य भरे बयान चर्चा का केंद्र बने रहे। बजट सत्र के दूसरे दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विभिन्न विभागों से जुड़े 50 से अधिक सवालों पर चर्चा के दौरान कई बार स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए।
कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कैबिनेट रैंक को लेकर चुटीला तंज कसा। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार ने पहले अपने चहेतों को "कोट पहनाए गए.. और अब उन्हें उतार कर "लंगोट" पहना दिए। उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली और माहौल और भी गर्म हो गया।
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राजनीतिक तकरार के बीच सदन में शायरी का रंग भी देखने को मिला। एक विधायक ने मशहूर शेर सुनाते हुए सरकार पर तंज कसा, जिससे कुछ देर के लिए माहौल अलग अंदाज में नजर आया, लेकिन इसके बाद फिर बहस तेज हो गई।
दरअसल विधायक राकेश ने मुख्यमंत्री के लिए "उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा"" शेर पढ़कर अपनी चर्चा को समाप्त किया। उसके बाद चर्चा में भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने भाग लिया। विधायक बलवीर वर्मा ने भी सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र चौपाल से स्टाफ को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है, जो वहां की जनता के साथ अन्याय है। वर्मा ने कहा कि इतना अन्याय तो मुगलों ने भी नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को एरियर के साथ 1500 की किस्त जारी नहीं की गईए प्रदेश की एक भी महिला आपको वोट नहीं देगी।
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हिमाचल के पशु पालन विभाग में 1000 पशु मित्रों की भर्ती की जाएगी। यह जानकारी विधानसभा में पशुपाल मंत्री चंद्र कुमार ने भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पशु चिकित्सकों के कुल 2976 पद स्वीकृत है। जो खाली पद है उनको चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। चंद्र कुमार ने बताया कि पहले चरण में 500 पशु मित्रों की भर्ती की जा रही है। इन पशु मित्रों को 5 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। यह पशु मित्र आउटसोर्स के तौर पर भर्ती नहीं किए जा रहे है, बल्कि इनकी नियुक्ति विभाग के माध्यम से हो रही है।
आउटसोर्स कर्मचारियों और रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हजारों कर्मचारियों को नौकरी से बाहर किया गया है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को छह माह से मानदेय नहीं दिया गया। इतना ही नहीं आउटसोर्स की सारी एजेंसियां कांग्रेस नेताओं के पास है। इंटरव्यू से पहले एजेंसी वाले नौकरी पर रखने के पैसे मांग रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो वे सामने लाएं, सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
सप्लीमेंट्री बजट को लेकर भी सदन में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने बजट के आकार में भारी बढ़ोतरी पर सवाल उठाएए जबकि सरकार ने इसे वित्तीय प्रबंधन का हिस्सा बताते हुए अपने फैसलों का बचाव किया।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चर्चा का बड़ा मुद्दा रही। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कई संस्थानों में सुधार की जरूरत है और आने वाले समय में डॉक्टरों की भर्ती व सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
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