#राजनीति
March 6, 2025
हिमाचल में अब घर के पास ही मिलेंगी ये जरूरी सुविधाएं, केंद्र से आए 50 करोड़ रुपए
नहीं लगाना पड़ेगा दफ्तरों का चक्कर, बचेंगे पैसे
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शिमला। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, व्यापार लाइसेंस जैसी जरूरी सेवाओं के लिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ये सेवाएं लोगों को उनके घर के नजदीक ही मिल जाएंगी। कर संग्रह, कचरा प्रबंधन और रखरखाव के काम से जुड़ी सुविधाएं भी शहरी इलाकों के अलावा कस्बों और नगर पालिका क्षेत्रों में भी मिलने लगेंगी। केंद्र सरकार ने
नगर पालिका साझा सेवा केंद्रों (MSSC) के लिए राज्य को 50 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है।
यह जानकारी लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दी। पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर इन केंद्रों से आवश्यक जन सेवाएं को सुगमता से उपलब्ध होगी।
इसके अतिरिक्त यह केंद्र लेखा कार्य, पेरोल मेनेजमेंट और वेंडर के भुगतानों के लिए एक केंद्रित प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे। कर संग्रह, कचरा प्रबंधन और रखरखाव कार्य जैसी सुविधाएं घर-द्वार के निकट उपलब्ध होगी।
राज्य सरकार इस अनुदान से राज्य में शहरी स्थानीय निकायों के तीन क्लस्टर स्थापित करेगी, जिससे नगर प्रशासन तकनीकी रूप से सक्षम बनेगा और लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि मंत्रालय द्वारा हिमाचल के लिए शीघ्र धनराशि जारी करने का प्रस्ताव दिया जा चुका है।
हिमाचल के अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड को भी यह अनुदान मिलेगा। यह राशि दो चरणों में वितरित की जाएगी। इसके तहत 50 प्रतिशत राशि मंजूरी के समय और शेष राशि एमएसएससी मॉडल के संचालन के बाद जारी की जाएगी।
इस परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन और मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एक त्रि-पक्षीय संस्था की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा कि एमएसएससी मॉडल से संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग और सेवा वितरण में सुधार होगा, जिससे लोग लाभान्वित होंगे।