#राजनीति
January 28, 2026
पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के घर में संग्राम : सियासी विरासत पर बेटी ने भी ठोंका दावा- रजत को सीधी चुनौती
धर्मपुर को सिर्फ विधायक नहीं, मंत्री चाहिए
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव भले ही अभी करीब दो साल दूर हों, लेकिन सियासी सरगर्मियां तेज होती नजर आ रही हैं। ताजा मामले में मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीति उस समय और गर्मा गई, जब पूर्व दिग्गज मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह की सियासी विरासत को लेकर उनके ही परिवार के भीतर खुला टकराव सामने आ गया। इस बार मुकाबला किसी बाहरी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि बेटे और बेटी के बीच दिखाई दे रहा है, जिसने भाजपा की आंतरिक राजनीति को भी असहज कर दिया है।
धर्मपुर की राजनीति में दशकों तक प्रभाव रखने वाले महेंद्र सिंह ठाकुर का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा की जिला परिषद सदस्य और महिला मोर्चा की पूर्व महामंत्री वंदना गुलेरिया ने सार्वजनिक मंच से अपने ही भाई और भाजपा नेता रजत ठाकुर के खिलाफ बयान देकर सियासी माहौल को गर्मा दिया। इस घटनाक्रम ने न केवल धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र, बल्कि पार्टी संगठन के भीतर भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
दरअसल, बीते दिनों टीहरा में महेंद्र सिंह ठाकुर के जन्मदिन के अवसर पर एक बड़ा आयोजन किया गया था। इसे शुरू में पारिवारिक कार्यक्रम माना जा रहा था, लेकिन यह जल्द ही राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। मंच पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद थे और नीचे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे थे।
इसी मंच से वंदना गुलेरिया के तीखे शब्दों ने सबका ध्यान खींच लिया। अपने संबोधन में वंदना गुलेरिया ने कहा कि धर्मपुर को सिर्फ विधायक नहीं, बल्कि मंत्री चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में हाल के वर्षों में हुए नुकसान और अधूरे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत और प्रभावशाली नेतृत्व के बिना धर्मपुर का समुचित विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश चला सकते हैं, तो ठाकुर महेंद्र सिंह धर्मपुर की जिम्मेदारी क्यों नहीं संभाल सकते।
वंदना के इस बयान को सीधे तौर पर उनके भाई रजत ठाकुर की राजनीतिक दावेदारी को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि रजत ठाकुर उस समय मंच पर मौजूद थे। रजत पूरे भाषण के दौरान शांत रहे और हल्की मुस्कान के साथ स्थिति को संभालते नजर आए, लेकिन राजनीतिक संदेश साफ तौर पर सामने आ चुका था।
यहीं नहीं, वंदना गुलेरिया ने अपने पिता को एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारने की वकालत भी कर दी। उम्र को लेकर उठने वाले सवालों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता आज भी महेंद्र सिंह ठाकुर को नेतृत्व करते देखना चाहती है।
उनके इस बयान के बाद समर्थकों की नारेबाजी ने माहौल को और ज्यादा सियासी बना दिया। भाषण के अंत में वंदना ने यह कहते हुए माफी भी मांगी कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो, तो वह क्षमा चाहती हैं। हालांकि तब तक उनका राजनीतिक संकेत साफ हो चुका था और धर्मपुर की राजनीति में नई बहस छिड़ गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ 2022 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी मानी जा रही है। उस समय धर्मपुर सीट से वंदना गुलेरिया भी भाजपा टिकट की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन पार्टी ने उम्र का हवाला देते हुए महेंद्र सिंह ठाकुर का टिकट काटकर पहली बार उनके बेटे रजत ठाकुर को मैदान में उतारा था।
चुनाव में रजत ठाकुर को हार का सामना करना पड़ा और भाजपा यह सीट गंवा बैठी। टिकट न मिलने से नाराज वंदना गुलेरिया ने उस समय खुलकर असंतोष जताया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखते हुए बेटियों की अनदेखी का मुद्दा उठाया था और बाद में महिला मोर्चा की महामंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया था। उनके साथ कई महिला कार्यकर्ताओं ने भी संगठन छोड़ा था।