#राजनीति
March 3, 2026
राज्यसभा जाना चाहते हैं मंत्री धनीराम शांडिल- प्रतिभा सिंह का नाम भी चर्चा में, आज होगा चेहरे का ऐलान
फरवरी की हार के बाद सतर्क कांग्रेस, आखिरी वक्त में होगा ऐलान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार सियासत केवल एक सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘बाहरी बनाम हिमाचली’ के सवाल पर आकर टिक गई है। फरवरी 2024 की कड़वी यादें अभी ताजा हैं, जब बाहरी चेहरे पर दांव उल्टा पड़ गया था। ऐसे में इस बार कांग्रेस के भीतर यह बहस गहराती जा रही है कि क्या दिल्ली दरबार का नाम आगे होगा या पहाड़ की मिट्टी से जुड़ा कोई चेहरा राज्यसभा जाएगा।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल का नाम इस बार गंभीरता से चर्चा में है। पार्टी के भीतर एक वर्ग उन्हें मजबूत और अनुभवी विकल्प के तौर पर देख रहा है। उन्होंने खुद राज्यसभा भेजने की पेशकश रखी है। इससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा के नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में जुड़ गए हैं। इसके अलावा हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल पहले से ही चर्चा में हैं। इन नामों के सामने आने से गैर-हिमाचली दावेदारों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
हिमाचल के वरिष्ठ नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री आशा कुमारी, सीएम के आईटी सलाहकार गोकुल बुटेल और एडवोकेट जनरल अनूप रत्न का नाम भी चर्चा में है। अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है।
कांग्रेस आज को अपने प्रत्याशी के नाम का औपचारिक ऐलान कर सकती है, जबकि 5 मार्च को उम्मीदवार शिमला में नामांकन दाखिल करेगा। इसको लेकर कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि 5 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के रूलिंग लाउंज में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में सभी सीएलपी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, ताकि नामांकन प्रक्रिया से पहले रणनीति और एकजुटता सुनिश्चित की जा सके।
पिछले चुनाव में कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार के तौर पर अभिषेक मनु सिंघवी को मैदान में उतारा था, लेकिन पूर्ण बहुमत के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने हर्ष महाजन को प्रत्याशी बनाकर जीत दर्ज की थी। इस घटनाक्रम से सरकार पर भी दबाव बना था।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने अंतिम निर्णय हाईकमान पर छोड़ दिया है, लेकिन विधायक दल की राय से अवगत जरूर कराया है। बताया जा रहा है कि अधिकांश विधायक चाहते हैं कि इस बार किसी हिमाचली नेता को ही राज्यसभा भेजा जाए।
कांग्रेस इस बार नामांकन से कुछ घंटे पहले ही प्रत्याशी की घोषणा करने की रणनीति पर काम कर रही है। पांच मार्च को नामांकन भरे जाएंगे और 16 मार्च को मतदान के बाद परिणाम घोषित होगा। मौजूदा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा हो रहा है।