#राजनीति
March 9, 2025
कल से शुरू होगा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र, 17 मार्च को पेश होगा राज्य का आम बजट
कल राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से होगी बजट सत्र की शुरुआत
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च यानी कल से आरंभ होगा, जिसकी शुरुआत राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से होगी। इसके लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बजट सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने 9 मार्च को यानी आज के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें पक्ष और विपक्ष के नेताओं से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 17 मार्च को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करेंगे, जिससे राज्यवासियों को काफी उम्मीदें हैं। इस बजट से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास योजनाओं और आर्थिक सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है।
इस बार विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से 28 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 16 बैठकें निर्धारित की गई हैं।
- 10 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार की नीतियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
- 11 से 13 मार्च तक राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी।
- 22 और 27 मार्च को गैर-सरकारी कार्य दिवस होंगे।
- 26 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पारित किया जाएगा।
10 मार्च और 17 मार्च को प्रश्नकाल नहीं होगा, क्योंकि इन दिनों सदन की कार्यवाही विशेष रूप से राज्यपाल के अभिभाषण और बजट प्रस्तुति पर केंद्रित रहेगी।
बजट सत्र के दौरान विधायकों द्वारा सरकार से विभिन्न विषयों पर कुल 963 सवाल पूछे जाएंगे।
- इनमें 737 तारांकित प्रश्न होंगे, जिनके उत्तर सरकार को सदन में मौखिक रूप से देने होंगे।
- 226 प्रश्न अतारांकित होंगे, जिनके उत्तर लिखित रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे।
- नियम 62 के तहत 9, नियम 101 के तहत 5 और नियम 130 के तहत 10 सूचनाएं चर्चा के लिए प्राप्त हुई हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि 737 तारांकित प्रश्नों में से 680 ऑनलाइन और 56 ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं। वहीं, 226 अतारांकित प्रश्नों में 223 ऑनलाइन और 3 ऑफलाइन पूछे गए हैं। इस बार के बजट सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा उत्साह है, क्योंकि यह सत्र प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। विपक्ष भी सरकार से तीखे सवाल पूछने और अपनी मांगें उठाने की तैयारी में है, जिससे सदन में बहस के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आ सकते हैं।