#राजनीति
August 13, 2025
अनुराग ठाकुर ने वोट चोरी मामले पर राहुल गांधी की ली चुटकी, बोले- 90 चुनाव हारकर बनाया है रिकॉर्ड..
बोले- विपक्षियों को सता रहा है, बिहार चुनाव में हार का डर
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश से भाजपा सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मिर्ज़ा ग़ालिब की मशहूर पंक्तियों का हवाला दिया, "धूल चेहरे पर थी और आइना साफ करता रहा" और कहा कि, राहुल गांधी अपनी हार का कारण दूसरों में ढूंढने की बजाय खुद में तलाश करें।
बतौर रिपोर्टर, अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगभग 90 बार चुनावी हार का सामना किया है।
इसके बावजूद पार्टी आत्मचिंतन करने के बजाय बार-बार नए बहाने गढ़ती रही है कभी ईवीएम पर सवाल उठाए गए, कभी मतपत्र (बैलेट पेपर) की मांग की गई, तो कभी यह आरोप लगाया गया कि ईवीएम को रिमोट से हैक किया जा सकता है। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस हर चुनावी नतीजे के बाद चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर देती है।
अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए कहा कि, बिहार चुनाव में हार के डर से कांग्रेस और विपक्षी दल पहले से ही चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाने में जुट गए हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा, “कांग्रेस की पुरानी आदत है कि जब हार सामने दिखे तो संस्थाओं की साख पर सवाल उठाए जाएं। यह रणनीति अब पुरानी हो चुकी है।”
उन्होंने कहा कि अगर 1952 के पहले आम चुनाव के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो कांग्रेस और सीपीआई ने मिलकर संविधान निर्माता और दलित नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराने का काम किया था।
अनुराग ठाकुर के अनुसार, उस चुनाव में 74,333 वोट खारिज हुए थे, जबकि अंबेडकर मात्र 14,561 वोटों से हार गए थे। उनका दावा था कि कांग्रेस ने जानबूझकर चुनावी भ्रष्टाचार के जरिए अंबेडकर को पराजित किया।
अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि, कांग्रेस का इतिहास गवाह है- इंदिरा गांधी ने मतदाताओं को “मूर्ख” कहा, राजीव गांधी ने हार के बाद बैलेट पेपर को दोषी ठहराया और अब राहुल गांधी ईवीएम को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह परिवार और उसकी पार्टी हार को स्वीकारने के बजाय हमेशा किसी न किसी को दोष देती आई है।
ममता बनर्जी पर भी टिप्पणी करते हुए अनुराग ठाकुर ने याद दिलाया कि, 2005 में उन्होंने लोकसभा में दस्तावेज फेंककर आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के नाम हैं। ठाकुर ने सवाल किया कि, अगर अब सरकार उस गड़बड़ी को दूर करने की कोशिश कर रही है, तो ममता बनर्जी इसमें अड़चन क्यों डाल रही हैं? क्या वह तब झूठ बोल रही थीं या अब?