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February 3, 2026
मंत्री विक्रमादित्य के प्रयास और केंद्र की मदद से हिमाचल के इस जिला में बिछेगा सड़कों का जाल
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सिरमौर जिले की 11 सड़कों को मंजूरी
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की विकासपरक दूरदर्शिता और केंद्र सरकार के साथ उनके निरंतर समन्वय का बड़ा असर अब धरातल पर दिखने लगा है। जिला सिरमौर के दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए खुशहाली की एक नई राह खुलने वाली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-4) के तहत वर्ष 2025-26 के लिए जिले की 11 महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों को मंजूरी मिल गई है, जिससे सिरमौर की भौगोलिक दूरियां अब सुगम सफर में बदलने वाली हैं।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के लगातार प्रयासों और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के चलते सिरमौर के दूरदराज क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को एक नई मजबूती मिली है। करीब 58.07 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के निर्माण पर 8555.64 लाख रुपए (85.55 करोड़) की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। खास बात यह है कि सरकार ने केवल सड़कों के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि उनके भविष्य के रखरखाव के लिए 500.91 लाख और नवीनीकरण के लिए 861.37 लाख रुपए का विशेष बजट भी आरक्षित किया है।
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सड़कों को मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। सड़कों का निर्माण तय तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुसार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को सालभर सुचारु सड़क सुविधा मिल सके।
पांवटा साहिब ब्लॉक को इस योजना के तहत सबसे ज्यादा फायदा मिलने जा रहा है। यहां 5 नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिन पर करीब 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इन सड़कों के बनने से दर्जनों गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।
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प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के लगातार प्रयासों और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय का ही परिणाम है कि सिरमौर जैसे पहाड़ी जिले को इतनी बड़ी सौगात मिली है। मंत्री के स्तर पर ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देने के चलते जिले की कई वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होती नजर आ रही है।
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इन सड़कों के बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बेहतर होंगे। मरीजों को अस्पताल पहुंचने में सुविधा मिलेगी, छात्रों का स्कूल और कॉलेज आना-जाना आसान होगा और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, ये सड़कें सिरमौर जिले के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगी।