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January 13, 2026

सुक्खू सरकार ने तबादलों पर लगाई रोक हटाई, मंत्रियों पर भी लगाई सख्त नियमों की पाबंदी

सुक्खू सरकार ने 31 मार्च 2026 तक हटाई तबादलों पर लगाई रोक

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर लगाई गई रोक को हटा दिया है। हालांकि यह राहत पूरी तरह से खुली छूट नहीं है, क्योंकि सरकार ने तबादलों को लेकर इतने सख्त नियम तय कर दिए हैं कि अब मंत्री भी इन दिशा.निर्देशों से बाहर जाकर किसी कर्मचारी का तबादला नहीं कर सकेंगे।

मंत्री भी नियमों में कर सकेंगे तबादले

कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के शिक्षकों को छोड़कर अन्य सभी विभागों में 31 मार्च 2026 तक सामान्य तबादले किए जा सकेंगे। इसके तहत संबंधित विभागों के मंत्री सीमित दायरे में तबादलों को मंजूरी दे सकेंगे, लेकिन उन्हें वर्ष 2013 और उसके बाद समय-समय पर जारी सरकार के तबादला नीति संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

 

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बड़े पैमाने पर नहीं होगी फेरबदल की अनुमति

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि तबादलों की प्रक्रिया में मनमानी या बड़े पैमाने पर फेरबदल की अनुमति नहीं होगी। सामान्य तौर पर उन्हीं कर्मचारियों को तबादलों के दायरे में लाया जाएगा, जिन्होंने एक ही स्थान पर कम से कम तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया हो। तबादलों में व्यक्तिगत पसंद से अधिक प्रशासनिक आवश्यकता को प्राथमिकता दी जाएगी।

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इस नियम का करना होगा पालन

आदेश में यह प्रावधान भी किया गया है कि किसी भी विभाग, बोर्ड, निगम या विश्वविद्यालय में तबादलों की संख्या कुल स्वीकृत पदों की तीन प्रतिशत सीमा से अधिक नहीं होगी। इस नियम के पालन की जिम्मेदारी सीधे-सीधे विभागाध्यक्षों, प्रबंध निदेशकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार पर डाली गई है। यदि इस सीमा का उल्लंघन होता है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे।

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कर्मचारियों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपने विभाग में सीधे तबादले के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, यदि कोई कर्मचारी निर्धारित तीन वर्ष से कम अवधि में तबादला चाहता है, या कम दूरी, अल्प प्रवास अथवा किसी विशेष छूट की मांग करता है, तो ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी, जो संबंधित मंत्री के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।

तृतीय और चतुर्थ श्रेणी  कर्मियों के होंगे तबादले

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने जुलाई 2025 में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के सामान्य तबादलों पर रोक लगाई थी। इस कारण कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत थे। अब रोक हटने से ऐसे कर्मचारियों के तबादले संभव हो सकेंगे, लेकिन पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तय नियमों के अनुसार ही चलेगी। कुल मिलाकर सुक्खू सरकार ने तबादलों पर रोक हटाकर जहां कर्मचारियों को राहत दी है, वहीं सख्त नियम लागू कर यह भी संदेश दे दिया है कि अब तबादलों में सिफारिश, दबाव और मनमानी की कोई गुंजाइश नहीं होगी चाहे मामला किसी मंत्री से जुड़ा हो या अधिकारी से।

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