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October 13, 2026

सुक्खू सरकार का कर्मचारियों को दिवाली तोहफा ! नियमित करने के आदेश जारी, अब 43 हजार वेतन..

दो साल का अनुबंध पूरा कर चुके शिक्षक होंगे नियमित आदेश जारी

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sukhu govt teacher

शिमला। हिमाचल प्रदेश में दिवाली से पहले सरकारी शिक्षकों के घर खुशियों की दस्तक हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने अनुबंध पर सेवाएं दे रहे स्कूल लेक्चरर को नियमित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। लंबे समय से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे पात्र शिक्षकों के लिए त्योहार से पहले आई यह खबर राहत लेकर आई है। सरकार के इस फैसले से न केवल शिक्षकों की नौकरी को नियमित दर्जा मिला है, बल्कि उनके वेतन और सेवा संबंधी लाभों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हुई है। नियमितीकरण के आदेश जारी होने से इन कर्मचारियों की दिवाली की खुशियां दोगुनी होने की उम्मीद है।

दिवाली से पहले मिला नियमितीकरण का तोहफा

प्रदेश सरकार ने उन लेक्चरर (स्कूल न्यू) को नियमित करने का फैसला लिया है, जिन्होंने 30 सितंबर, 2026 तक अपना दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस संबंध में मंगलवार को आधिकारिक आदेश जारी किए गए। नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों को अब अनुबंध के बजाय नियमित कर्मचारी का दर्जा मिलेगा। त्योहारों के इस मौसम में जारी हुए आदेशों से संबंधित शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

 

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अब 43 हजार रुपये होगा शुरुआती वेतनमान

नियमित किए गए स्कूल लेक्चरर के लिए सरकार ने वेतनमान भी निर्धारित किया है। आदेशों के अनुसार, इन शिक्षकों को लेवल-12 के सेल-1 के तहत 43,000 रुपये का वेतनमान मिलेगा। इसके अतिरिक्त नियमानुसार अन्य भत्ते भी देय होंगे। नियमितीकरण के बाद शिक्षकों को मिलने वाले वेतन और सेवा लाभों में बदलाव आएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को सहारा मिलने की उम्मीद है।

 

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दो साल का अनुबंध पूरा करने वालों को मिला लाभ

सरकार की नियमितीकरण नीति के तहत अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारी निर्धारित शर्तें पूरी करने और दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित किए जाने के पात्र होते हैं। स्कूल लेक्चरर के मामले में भी इसी नीति के आधार पर कार्रवाई की गई है। जिन शिक्षकों ने निर्धारित कटऑफ तिथि यानी 30 सितंबर, 2026 तक दो वर्ष की अनुबंध सेवा पूरी कर ली है, उन्हें इस निर्णय का लाभ दिया गया है।

 

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शिक्षकों के लिए त्योहार से पहले राहत

सरकारी नौकरी में नियमित दर्जा मिलने का महत्व केवल वेतन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे कर्मचारियों को सेवा संबंधी स्थिरता भी मिलती है। ऐसे में दिवाली से पहले नियमितीकरण के आदेश जारी होने से पात्र शिक्षकों को राहत मिली है। त्योहार के दौरान परिवारों की बढ़ती जरूरतों के बीच नियमित वेतनमान और नियमानुसार मिलने वाले भत्ते उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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सरकार के आदेश के बाद आगे की प्रक्रिया पर नजर

नियमितीकरण के आदेश जारी होने के बाद अब संबंधित विभागों में इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पात्र शिक्षकों को निर्धारित नियमों के अनुसार नियमित सेवा संबंधी लाभ मिलेंगे। जिन कर्मचारियों ने अभी निर्धारित दो वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया है, उनके मामले में लागू नीति और पात्रता शर्तें महत्वपूर्ण रहेंगी। फिलहाल, दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके स्कूल लेक्चरर के लिए दिवाली से पहले आया यह निर्णय एक अहम राहत के रूप में देखा जा रहा है।

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