#विविध
April 2, 2026
सुक्खू सरकार ने दिया जोर का झटका- बिजली पर बंद की सब्सिडी, अब दबा कर आएगा बिल
3,000 करोड़ से अधिक के घाटे में है बोर्ड
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने बिजली सब्सिडी को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है। राज्य में अब 126 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की सब्सिडी नहीं मिलेगी। इस बदलाव के बाद लोगों के बिजली बिल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
दरअसल, ऊर्जा विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब प्रति राशन कार्ड अधिकतम दो बिजली मीटरों पर ही 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा। इससे पहले अधिक खपत पर भी आंशिक सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है।
खास बात यह है कि पिछले वर्ष ही 300 यूनिट से ऊपर खपत करने वालों के लिए सब्सिडी खत्म कर दी गई थी, और अब नए फैसले के बाद मध्यम वर्ग भी इसकी चपेट में आ गया है।
नई दरों के तहत 125 यूनिट तक बिजली की कीमत 5.44 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। वहीं, 126 से 300 यूनिट के बीच खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 5.89 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा। पहले इस श्रेणी पर सरकार लगभग 1.73 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देती थी, जिससे बिल में राहत मिलती थी।
अब इस राहत के खत्म होने से उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर अधिक राशि चुकानी पड़ेगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी परिवार की मासिक खपत 150 यूनिट है, तो पहले उन्हें सब्सिडी के कारण कम भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब वही खपत महंगी साबित होगी। ऐसे में कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में काफी बढ़ सकते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में राज्य बिजली नियामक आयोग ने बिजली दरों में एक पैसे की मामूली कमी की थी, लेकिन सब्सिडी हटने के कारण इसका लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाएगा। उधर, बिजली बोर्ड पहले से ही 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में चल रहा है, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया माना जा रहा है।