हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि के नाम से जाना जाता है। सूबे के सैकड़ों जवानों ने देश के लिए अपने प्राणों के आहुति दे दी है। इसी कड़ी में अब ताजा मामला हिमाचल के हमीरपुर जिले से सामने आया है- जहां एक वीर जवान J&K में शहीद हो गया है।
हिमाचल का एक और जवान J&K में शहीद
हमरीपुर जिले के नादौन विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले राजेश कुमार वर्तमान में जम्मू-कश्मीर राइफल्स में सूबेदार मेजर पद पर तैनात थे। कर्तव्य निर्वहन के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर परिजनों को फोन पर मिली।
कुछ समय पहले ही की परिजनों से बात
राजेश के निधन की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले ही उनकी राजेश से फोन पर बात हुई थी। बारिश से हो रही तबाही को लेकर राजेश परिवार को लेकर चिंतित थे।
कब घर पहुंचेगी पार्थिव देह?
राजेश की पार्थिव देह आज शाम घर पहुंचने की आशंका है। मगर मौसम खराब होने के चलते पार्थिव देह को घर लाने में बाधा आ रही है। राजेश का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव के श्मशान घाट में किया जाएगा।
परिजनों में मची चीख-पुकार
राजेश की शहादत की खबर मिलने का बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बांधने पहुंच रहे है। लोगों का कहना है कि राजेश का स्वभाव काफी मिलनसार था। उनके निधन के बाद पूरे गांव में माहौल गमगीन बना हुआ है।
CM सुक्खू ने जताया दुख
वहीं, राजेश के निधन को लेकर CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी दुख जताया है। उन्होंने फेसबुक पर सूबेदार मेजर राजेश कुमार की फोटो शेयर करते हुए लिखा-
मेरे विधानसभा क्षेत्र नादौन के निवासी एवं जम्मू-कश्मीर राइफल्स में तैनात सूबेदार मेजर श्री राजेश कुमार जी के कर्तव्य निर्वहन के दौरान हुए निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। देश की सेवा में उनके अविस्मरणीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। देश उनके त्याग और समर्पण का सदैव ऋणी रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक-संतप्त परिवार को इस अपार दुःख की घड़ी में संबल एवं धैर्य प्रदान करें। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं।
वीरों की भूमि हिमाचल
विदित रहे कि, इसी एक महीने ने हिमाचल ने अब तक अपने चार जवानों को खो दिया है। हिमाचल प्रदेश को वीरभूमि के नाम से इसलिए जाना जाता है क्योंकि यहां की हर घाटी और हर गांव से देश की रक्षा करने वाले वीर जवान निकले हैं। छोटे-छोटे पहाड़ी गांवों में पलने वाले युवा जब फौज में भर्ती होते हैं तो उनका एक ही सपना होता है-देश की मिट्टी के लिए जान कुर्बान करना।
(NOTE: अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि राजेश का निधन कब और कैसे हुआ है। खबर लिखे जाने तक इतनी ही जानकारी मिल पाई थी। ज्यादा जानकारी मिलते ही खबर को अपडेट कर दिया जाएगा।)