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July 11, 2025

हिमाचल: दो गर्भवती महिलाओं के लिए देवदूत बनी SDRF, पालकी में 14 KM उठाकर पहुंचाई अस्पताल

प्राकृतिक आपदा में सड़कों का मिट गया था नामोनिशान

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Mandi Pregnant Women

मंडी। हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा ने सब कुछ तहस नहस कर दिया है। घर टूट चुके हैं, सड़कों का नामोनिशान मिट चुका है। कई ऐसे गांव हैं, जिनकी क्नेक्टिविटी शेष हिमाचल से पूरी तरह से कट चुकी है। ऐसे समय में जंजैहली क्षेत्र की दो गर्भवती महिलाओं के लिए एसडीआरएफ के जवान देवदूत बन कर पहुंचे और दोनों महिलाओं को 14 किलोमीटर पालकी में उठाकर सड़क तक पहुंचाया। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के जवान राहत और बचाव कार्यों के साथ.साथ इंसानियत की मिसाल भी पेश की।

एसडीआरएफ टीम ने अस्पताल पहुंचाई दो गर्भवती महिलाएं

बता दें कि 30 जून की रात को आई बाढ़ में जंजैहली क्षेत्र के रुशाड़ और जरोह गांव भी बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। इन दोनों गांवों तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। ऐसे में समय में जब इन दोनों गांव के दो गर्भवती महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी तो लोगों को यह चिंता सताने लगी कि इन महिलाआंे को अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए। जब इस बात की जानकारी एसडीआरएफ के जवानों को लगी तो उन्होंने यह नहीं देखा कि रास्ता है या नहीं, उन्होंने सिर्फ यह देखा कि अगर समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया, तो जिंदगियां खत्म हो सकती है।

 

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कंधों पर उठाकर किया 14 किलोमीटर पैदल सफर

एसडीआरएफ के जवानों ने दोनों गर्भवती महिलाओं को पालकी में डाल कर कंधों पर उठाकर ध्वस्त और कीचड़ भरे रास्तों से होते हुए 14 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर सड़क तक पहुंचाया यहां से उन्हें वाहन के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि एसडीआरएफ की टीम ने जंजैहली से रायगढ़.करसोग होते हुए मंडी तक पैदल रास्ते से दो गर्भवती महिलाओं को पहुंचाया। 

 

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एक गर्भवती ने दिया बेटी को जन्म

इनमें से एक महिला बबली देवी गांव रुशाद तहसील थुनाग की क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में डिलीवरी हुई और उन्होंने 7 जुलाई को एक बालिका को जन्म दिया। मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और महिला को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वहीं दूसरी महिला मोहिनी देवी निवासी गांव रोड जरोह मंडी को मेडिकल कॉलेज नेरचौक में भर्ती करवाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।

 

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एसपी एसडीआरएफ अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि लगातार बारिश और भूस्खलन से जंजैहली क्षेत्र में हालात बेहद खराब हैं, लेकिन एसडीआरएफ की टीम दिन.रात राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। उन्होंने बताया कि इन दोनों रेस्क्यू अभियानों में जवानों ने अदम्य साहस और मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया है।

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