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August 5, 2025
हिमाचल में स्क्रब टाइफस ने बच्ची समेत दो की छीनी जिंदगियां, अलर्ट हुआ स्वास्थ्य महकमा
ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार का स्क्रब टायफस
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टायफस जैसी जानलेवा बीमारी ने अपने पैर पसारना शुरू कर दी है। स्क्रब टायफस के कारण दो लोगों की जान चली गई है। मृतकों में एक 11 साल की बच्ची भी शामिल है।
बता दें कि IGMC शिमला में करसोग की रहने वाली 11 वर्षीय बच्ची समेत एक व्यक्ति का स्क्रब टायफस का उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान दोनों की अचानक तबीयत बिगड़ गई और दोनों ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, बच्ची को नागरिक अस्पताल करसोग से IGMC शिमला आगामी उपचार के लिए रेफर किया गया था। डॉक्टरों द्वारा बच्ची और अन्य मरीज को कड़ी निगरानी में रखा गया था। मगर डॉक्टरों की कड़ी मशक्कत के बाद भी दोनों की जान नहीं बच सकी।
चिकित्सा अधिकारी करसोग डॉ. गोपाल चौहान ने बताया कि मंडी जिले के उपमंडल करसोग के ग्रामीम क्षेत्रों में स्क्रब टायफस अपने पैर पसार रहा है। बीते कल एक अन्य व्यक्ति भी स्क्रब टायफस से पॉजिटिव पाया गया- जिसे डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया था।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट हो गई हैं। टीमों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है और दवाइयां बांटी जा रही हैं। उन्होंने लोगों को बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
स्क्रब टायफस एक बैक्टीरिया जनित रोग है, जो रिकिटेशिया नामक जीवाणु से संक्रमित पिस्सुओं के काटने से फैलता है। ये बहुत छोटे.छोटे कीड़े होते हैं, जो ज्यादातर घास, झाड़ियों, चूहों, खरगोशों और गिलहरियों जैसे जानवरों के शरीर पर होते हैं। इसे बुश टाइफस भी कहा जाता है।
बता दें कि ये बीमारी कीड़े के काटने के अलावा ये बैक्टीरिया कीड़े के मल के कॉन्टेक्ट में आने से भी मनुष्य के शरीर में फैल सकते हैं। साथ ही जहां पर जूं या कीट ने काटा है, उस जगह को खुरचने या खुजली करने पर भी स्किन के संपर्क में आए बैक्टीरिया आपके खून तक पहुंच सकते हैं। बिना टेस्ट किया हुआ खून चढ़ाने या फिर इन्फेक्टेड सूई का इस्तेमाल करने से भी ये बैक्टीरिया शरीर के अंदर पहुंच सकते हैं।