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June 21, 2026

हिमाचल : 18 साल तक मौ.त से लड़ी प्रियंका, बचपन में ही हो गया था गंभीर रोग- टूटा परिवार

27 वर्षीय प्रियंका ने तोड़ा दम, सदमे में पूरा परिवार

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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र की मिल्हा पंचायत के जुवाधार गांव की 27 वर्षीय प्रियंका शर्मा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

18 साल तक मौत से लड़ती रही प्रिंयका

करीब 18 वर्षों तक गंभीर किडनी रोग से संघर्ष करने वाली प्रियंका के असमय निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिवार सहित गांव के लोगों ने एक साहसी बेटी को खो दिया है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी जीने की उम्मीद नहीं छोड़ी।

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प्रियंका कोई हुई किडनी की बीमारी

प्रियंका शर्मा का जीवन सामान्य बच्चों की तरह नहीं रहा। महज 9 वर्ष की आयु में उसे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी का पता चला था। इसके बाद उसका बचपन अस्पतालों, दवाइयों और उपचार के बीच गुजरने लगा। जिस उम्र में बच्चे अपने भविष्य के सपने बुनते हैं, उस समय प्रियंका स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से जूझ रही थी।

कठिन परिस्थितियों में भी नहीं खोया हौसला

बीमारी लगातार बढ़ती रही, लेकिन प्रियंका ने कभी हार नहीं मानी। वर्षों तक इलाज और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का सामना करते हुए उसने साहस का परिचय दिया। जीवन के अंतिम वर्षों में उसे नियमित डायलिसिस का सहारा लेना पड़ रहा था। फिर भी वह परिवार और आसपास के लोगों के बीच सकारात्मक सोच बनाए रखती थी।

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परिवार ने की बचाने की कोशिश

प्रियंका के माता-पिता ने उसकी चिकित्सा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। परिवार ने PGI चंडीगढ़, AIIMS, IGMC शिमला और देहरादून के विभिन्न अस्पतालों में उसका उपचार करवाया। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार लगातार उसकी देखभाल और इलाज में जुटा रहा।

खेतीबाड़ी करते हैं प्रियंका के पिता

प्रियंका के पिता सीताराम खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता आशा देवी आंगनवाड़ी हेल्पर के रूप में कार्यरत हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी के उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए।

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परिवार को प्रियंका से थी उम्मीदें

पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी प्रियंका परिवार की जिम्मेदार और प्रेरणादायक सदस्य मानी जाती थी। लंबे संघर्ष के दौरान पूरा परिवार उसके साथ मजबूती से खड़ा रहा। उसके निधन से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

संघर्ष की मिसाल बनी प्रियंका की कहानी

प्रियंका शर्मा का जीवन संघर्ष, धैर्य और साहस की एक ऐसी मिसाल बन गया है, जो लोगों को कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद बनाए रखने की प्रेरणा देता है। लगभग 18 वर्षों तक बीमारी से जूझते हुए उसने और उसके परिवार ने अंतिम क्षण तक हार नहीं मानी। हालांकि अंततः जिंदगी की यह लंबी लड़ाई समाप्त हो गई।

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