#विविध
August 27, 2025
हिमाचल में भारी बारिश से बिगड़े हालात, पेट्रोल-डीजल रिजर्व करने के आदेश- जानें क्यों
कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश का जिला कुल्लू इस वक्त बारिश की मार झेल रहा है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने यहां के हालात बिगाड़ दिए हैं। पहाड़ों से गिर रहे मलबे और भूस्खलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग-03 (चंडीगढ़-मनाली हाईवे) कई जगहों पर बंद पड़ा है।
वहीं, वैकल्पिक मार्ग कांडी–कटौला सड़क भी जगह-जगह अवरुद्ध हो चुकी है। सड़कें बंद होने से घाटी पूरी तरह से शेष जिलों से कट गई है और भारी वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है।
हालात को देखते हुए उपायुक्त कुल्लू व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अध्यक्ष तोरुल एस. रवीश ने बीते कल शाम को एक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, कुल्लू के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को रिजर्व स्टॉक रखने को कहा गया है- ताकि आपदा की स्थिति में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों आदि को पेट्रोल-डीजल की किल्लत ना आए।
25,000 लीटर से अधिक क्षमता वाले पेट्रोल पंपों को कम से कम 5,000 लीटर डीज़ल और 3,000 लीटर पेट्रोल रिजर्व रखना होगा। वहीं 25,000 लीटर से कम क्षमता वाले पंपों को कम से कम 3,000 लीटर डीज़ल और 2,000 लीटर पेट्रोल स्टॉक रखना अनिवार्य किया गया है।
DC कुल्लू ने साफ कहा है कि इस आपदा की घड़ी में ईंधन की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने पर BNS की धारा 188, 269, 270 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिसके आधार पर दो साल तक की सजा और जुर्माना अदा करने दोनों शामिल हो सकते हैं।
लगातार बारिश और बंद सड़कों की वजह से कुल्लू घाटी में न सिर्फ यातायात बाधित है बल्कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी संकट मंडराने लगा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ईंधन का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और इस मुश्किल घड़ी में सहयोग दें।