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November 26, 2025

शहीद नमांश की पत्नी जल्द ज्वाइन करेगी ड्यूटी, पोती को भी फाइटर जेट पायलट बनाना चाहते हैं दादा

शहीद के माता-पिता ने बढ़ाया बहू का हौसला- कल ट्रेनिंग के लिए होगी रवाना

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Martyr Namansh Syal

कांगड़ा। विंग कमांडर नमांश स्याल की शहादत के बाद उनके घर में जो खालीपन आया था, उसे भरने का काम अब उनकी पत्नी, विंग कमांडर अफशां अख्तर ने अपने हौसले और देशभक्ति से किया है। दर्द और खोएपन के बीच भी शहीद नमांश के परिवार ने अफशां को उनके कर्तव्य को नहीं छोड़ने दिया।

नमांश के घर हुआ शांति पाठ

आज शहीद नमांश के घर पर शांति पाठ का आयोजन किया गया। दरअसल, कल नमांश की पत्नी विंग कमांडर अफसां वापस ट्रेनिंग के लिए कोलकाता रवाना हो रही हैं। ये कदम सिर्फ अफसां के लिए नहीं, बल्कि उनके परिवार और पूरे देश के लिए भी गर्व और प्रेरणा का संदेश है।

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देश सेवा के लिए तैयार अफसां

विंग कमांडर नमांश स्याल के बलिदान के बाद उनकी पत्नी, विंग कमांडर अफसां अख्तर देश की सेवा में लौटने को पूरी तरह तैयार हैं। कोलकाता में ट्रेनिंग के बाद स्थायी कमीशन मिलने की संभावना है, जिससे वे वायुसेना में अपने करियर को आगे बढ़ा सकेंगी।

पति की शहादत ने साहस नहीं तोड़ा

आपको बता दें कि अफसां ने IIM कोलकाता में कोर्स कर रही थी, लेकिन इसी बीच उनके पति नमांश दुबई एयर शो में शहीद हो गए। मगर हादसे के बाद भी परिवार ने अफसां के मन में इसे छोड़ने का विचार नहीं आने दिया। कल अफसां कोलकाता की फ्लाइट लेंगी।

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परिवार ने नहीं टूटने दिया हौसला

नमांश स्याल के परिवार का दर्द बड़ा है, लेकिन उससे भी बड़ा है उनका हौसला। घर में हर कोई जानता है कि जो हादसा होना था, हो गया- लेकिन जिंदगी रुकती नहीं। जैसे देश नहीं रुकता, वैसे ही कर्तव्य भी नहीं रुकते।

सेना में वही जाता है....

नमांश के अंतिम सैल्यूट के वक्त भी यही संदेश साफ दिखा था- कर्तव्य पहले, दर्द बाद में। नमांश के पिता जगन्नाथ स्याल ने कहा कि सेना में वही जाता है, जिसके दिल में देश सबसे पहले धड़कता है। उनके शब्दों में सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि पूरी फौजी सोच थी।

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नमांश को था उड़ने का शौक

नमांश बचपन से ही देश सेवा के लिए बना था उसे उड़ान का शौक नहीं, जुनून था। जब देश की बात आती, तो वे अपने डर, अपने दर्द और अपनी परेशानियां पीछे छोड़ देते। वह जानते थे कि हर उड़ान, हर मिशन में जोखिम है, लेकिन वे पीछे नहीं हटते।

अफसां का आखिरी सैल्यूट

नमांश ने हमेशा यही सिखाया कि जीवन आगे बढ़ते रहने का नाम है। हादसा कितना ही बड़ा क्यों न हो, मन कितना ही भारी क्यों न हो। फौजी परिवार डगमगाता नहीं। नमांश के अंतिम संस्कार में भी अफसां के सैल्यूट में वही ताकत थी। 

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नमांश और अफसां की शादी

2014 की बात है, जब परिवार में नमांश और अफसां की शादी की चर्चा हुई। पता चला कि दोनों एक-दूसरे को पहले से पसंद करते थे। यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि दो ऐसे व्यक्तित्वों का मिलन था, जिनमें देशभक्ति और अनुशासन का गहरा रिश्ता था।

दोनों ने की थी लव मैरिज

जगन्नाथ स्याल ने इस बारे में याद करते हुए कहा जब हमने पता लगाया कि दोनों पहले से एक-दूसरे को पसंद करते हैं, तो हमने खुशी-खुशी रिश्ता स्वीकार किया। यह हमारे लिए गर्व की बात थी, क्योंकि दोनों में न केवल प्यार था, बल्कि देश के प्रति समर्पण भी दिखता था। शादी की तारीख तय करना भी आसान नहीं था। अफसां और नमांश दोनों ही अपने कार्य में व्यस्त थे।

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दोस्तों के लिए पार्टी

जगन्नाथ ने बताया नमांश ने उसने कहा कि बस शादी की तिथि सोच समझ कर रखना क्योंकि कोई अवधि ऐसी होती है जिसमें शराब नहीं चलती। सो दोस्तों के लिए इतना कर लेंगे शादी के दौरान उनके परिवार और मित्र दोनों के व्यक्तित्व, देशभक्ति और अनुशासन को देखकर गर्व महसूस कर रहे थे।

शादी के बाद जीवन का सफर

शादी के बाद भी दोनों ने अपने करियर और देश की सेवा को सर्वोपरि रखा। नमांश वायुसेना में एक बहादुर पायलट थे, जिन्होंने अपनी कर्तव्य भावना के साथ कई मिशनों में भाग लिया। अफसां भी वायुसेना की अधिकारी बनकर देश सेवा में लगी रहीं।

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परिवार और बेटी के लिए जिम्मेदारी

अफसां की बेटी आर्या, जो UKG में पढ़ती हैं का परिवार ने विशेष ध्यान रखा। जगन्नाथ स्याल ने कहा कि आर्या को एक सुरक्षित और प्यार भरा वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि वो आर्या को भी फाइटर जेट पायलट बनाएंगे।

रूसी और अमेरिकी पायलटों की भावुक प्रतिक्रिया

रूसी टीम ने सोशल मीडिया पर कहा कि तेजस जेट का हादसा बहुत ही भयावह था। उन्होंने लिखा कि उनकी अंतिम उड़ान उन सभी भाइयों की याद में समर्पित थी, जो अपनी आखिरी उड़ान से वापस नहीं लौट पाए। टीम ने इस दौरान अपने साथी पायलट की याद में भावुक श्रद्धांजलि दी।

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नमांश का सामान देख हुए भावुक

इसी तरह, अमेरिकी एरोबैटिक पायलट टेलर फीमा हीस्टर ने भी इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम की पीड़ा को दूर से खड़े होकर महसूस किया गया। अमेरिकी टीम ने अपने अंतिम प्रदर्शन को रद्द कर दिया ताकि भारतीय टीम को सम्मान और समय दिया जा सके।

 

हीस्टर ने आगे बताया कि भारतीय मेंटेनेंस टीम ने अपने साथी पायलट की जगह खाली छोड़ दी, जमीन पर रखी सीढ़ी और पायलट की कार में रखी निजी चीजों को देखा। यह दृश्य उनके लिए बहुत भावुक करने वाला था।

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सिर्फ भारत नहीं पूरे पायलट समुदाय को झटका

उन्होंने कहा कि यह सब देखकर टीम ने भारतीय पायलटों और उनके परिवार की भावनाओं को गहराई से महसूस किया। इस तरह, रूस और अमेरिका के पायलटों की प्रतिक्रिया ने स्पष्ट किया कि तेजस हादसा केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे एरोबैटिक और पायलट समुदाय के लिए एक बड़ा झटका था।

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