#अपराध
November 26, 2025
हिमाचल : पास होने के लिए कॉलेज स्टूडेंट ने चली चालाकी, खुद तो फंसा; कर्मचारी तक भी पहुंची पुलिस
कॉलेज के कई कर्मचारी पुलिस रडार पर- जल्द हो सकती हैं गिरफ्तारियां
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक कॉलेज स्टूडेंट का गजब का कारनामा सामने आया है। MA इंग्लिश के पेपर में पास होने के चक्कर में स्टूडेंट ने एक ऐसा जुगाड़ लगाया- जिसकी अब उसे भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
दरअसल, मामला पुलिस तक पहुंच गया है और मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने स्टूडेंट के साथ-साथ कॉलेज के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 25 जून को राजकीय महाविद्यालय ऊना में MA इंग्लिश की परीक्षा के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान HPU के पास एक ही रोल नंबर की दो आंसर शीट पहुंचीं। चौंकाने वाली बात यह थी कि पहली आंसर शीट परीक्षा खत्म होने के बाद अगले दिन विश्वविद्यालय को भेजी गई थी। जबकि, दूसरी आंसर शीट करीब एक महीने तक कॉलेज में सुरक्षित रखी गई और बाद में विश्वविद्यालय भेजी गई।
विश्वविद्यालय ने इस देरी और दूसरी शीट की मौजूदगी को नियमों के सीधे उल्लंघन के रूप में देखा। परीक्षा प्रणाली में ऐसी चूक लगभग असंभव मानी जाती है, इसलिए मामला तुरंत संदिग्ध हो गया।
यह पूरा मामला तब आधिकारिक रूप से सामने आया जब HPU के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन ने 17 नवंबर को शिक्षा निदेशालय को एक पत्र भेजकर दो आंसर शीट्स मिलने की पुष्टि की। रिपोर्ट मिलते ही निदेशालय ने कॉलेज प्रशासन से जवाबदेही लेने और मामले की आंतरिक जांच करवाने के निर्देश दिए।
जांच में यह सामने आया कि छात्र ने परीक्षा वाले दिन सामान्य प्रक्रिया के तहत एक आंसर शीट जमा की। दूसरी आंसर शीट किसी अज्ञात माध्यम से बाद में जोड़ी गई, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। जांच टीम को संदेह हुआ कि कुछ कर्मचारी इस मामले में शामिल हो सकते हैं और आंसर शीटर में हेरफेर बाद में हुई हो सकती है। इसी आधार पर निदेशालय ने पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
आधिकारिक पत्र और ईमेल के माध्यम से मिली शिकायत के बाद थाना सदर ऊना पुलिस ने छात्र सहित कॉलेज के एक कर्मचारी के खिलाफ अनियमितताओं के संदेह में मामला दर्ज कर लिया है। कॉलेज के कई कर्मचारी पुलिस की रडार पर है। बताया जा रहा है कि जल्द इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस अधीक्षक ऊना अमित यादव ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कह किछात्र के अलावा कॉलेज के कर्मचारियों पर भी संलिप्तता के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय और कॉलेज दोनों से जानकारी लेकर यह पता लगाया जा रहा है कि दूसरीआंसर शीट कैसे तैयार हुई और किसकी भूमिका थी। मामले की तफ्तीश जारी है।
इस घटना ने कॉलेज की परीक्षा शाखा की कार्यप्रणाली और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंसर शीट्स की सुरक्षित हैंडलिंग परीक्षा प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है, ऐसे में एक ही छात्र की दो आंसर शीट्स मिलना गंभीर लापरवाही या सुनियोजित हेरफेर की ओर इशारा करता है।
पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ मामला और गहरा भी हो सकता है। विश्वविद्यालय भी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पर विचार कर रहा है।