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August 19, 2025
हिमाचल : आज घर पहुंचेगी शहीद अरुण की पार्थिव देह, दो साल पहले ही ज्वाइन की थी आर्मी
लद्दाख स्काउट्स में बतौर अग्निवीर सिपाही 2023 में भर्ती हुए थे अरुण
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लाहौल-स्पीति। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हिमाचल प्रदेश ने महज तीन दिन के अंदर दो वीर सपूत खो दिए हैं। जिला कांगड़ा और लाहौल-स्पीति के दो बेटे देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए हैं। जहां सोमवार को कांगड़ा जिला के कमांडो विकास भंडारी को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, वहीं कुछ ही घंटों बाद सियाचिन ग्लेशियर से एक और दुःखद समाचार आया। लाहौल-स्पीति जिले के जवान अरुण कुमार भी देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके थे।
शून्य से माइनस 50 डिग्री तापमान के बीच तैनात लाहौल-स्पीति का होनहार बेटा अरुण कुमार सियाचिन ग्लेशियर में शहीद हो गया। महज दो हफ्ते पहले ही उन्होंने सियाचिन में ड्यूटी ज्वाइन की थी। आज अरुण की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंचेगी। जहां पर कुछ देर उनके पार्थिव शरीर को उनके घर पर रखा जाएगा- फिर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात अचानक सिरदर्द की शिकायत के बाद अरुण कुमार की आकस्मिक मृत्यु हो गई।अरुण कुमार पुत्र जय सिंह लद्दाख स्काउट्स में बतौर अग्निवीर सिपाही 2023 में भर्ती हुए थे।
वर्तमान में उनकी तैनाती लद्दाख क्षेत्र में थी। शहीद अरुण के चाचा ओम प्रकाश ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव किशोरी लाहौल-स्पीति पहुंचेगा। पूरे इलाके में शोक की लहर है। वहीं जवान बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, गांव में भी मातम पसर गया है।
उधर, कांगड़ा जिले के बैजनाथ उपमंडल के दयोड़ा गांव के कमांडो विकास भंडारी की शहादत ने भी पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। 41 वर्षीय विकास भंडारी 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए थे। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया गया, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब उनके सात वर्षीय बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी।
शहीद अरुण कुमार के आकस्मिक निधन पर लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा, पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा और भाजपा नेता रवि ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अरुण की शहादत पर पूरे प्रदेश को गर्व है, लेकिन इस अपूरणीय क्षति से हर कोई दुखी है।
हिमाचल प्रदेश जैसे शांतिप्रिय राज्य के लिए यह एक बड़ा आघात है कि तीन दिन में दो बहादुर जवान देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। जहां एक परिवार ने जवान बेटा खो दिया, वहीं पूरे प्रदेश ने अपने दो वीर सपूतों को नमन करते हुए नम आंखों से अंतिम विदाई दी है।