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September 5, 2025

मणिमहेश यात्रा : चिनूक हेलीकॉप्टर से 150 श्रद्धालु रेस्क्यू, सही-सलामत पहुंचे चंबा

जो लोग पैदल चंबा तक आ रहे थे- उन्हें भी वापस बुला लिया गया है

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Manimahesh Yatra

चंबा। हिमाचल प्रदेश में लगातार कई दिनों तक हुई भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को मौसम साफ जरूर हुआ, लेकिन मुश्किलें अभी भी कम नहीं हुईं। पहाड़ों से लगातार भूस्खलन, जगह-जगह टूटी सड़कें, बाधित जलापूर्ति और ठप बिजली व्यवस्था ने लोगों को परेशान कर रखा है। ग्रामीण इलाकों में तो हालात और भी गंभीर बने हुए हैं।

पहली बार आपदा के दौरान चिनूक का इस्तेमाल

चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में फंसे मणिमहेश यात्रियों को निकालने के लिए शुक्रवार तड़के वायुसेना का विशेष चिनूक हेलिकॉप्टर उतारा गया। हिमाचल में आपदा राहत कार्यों में पहली बार इस अत्याधुनिक हेलिकॉप्टर का उपयोग किया गया है।

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सुरक्षित चंबा पहुंचे श्रद्धालु

जानकारी के अनुसार, आज सुबह 6.30 बजे से रेस्स्क्यू अभियान शुरू। भरमौर में फंसे 150 श्रद्धालुओं को चिनकू हेलिकॉप्टर से चंबा सुरक्षित पहुंचाय गया है। चिनकू ने तीन फ्लाइट में सबुह करीब 10 बजे तक श्रद्धालुओं को चंबा पहुंचा दिया-जहां से बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को पठानकोट और कांगड़ा भेजा जा रहा है।

अभी भी कई श्रद्धालु फंसे

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी स्वयं ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, CM सुक्खू भी लगातार जिला प्रशासन से संपर्क में रहकर आवश्यक निर्देश जारी कर रहे हैं। नेगी ने बताया कि अभी भी लगभग 400 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। जो लोग पैदल चंबा तक आ रहे थे- उन्हें भी वापस बुला लिया गया है। सभी श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से चंबा भेजा जाएगा।

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सड़कें, ट्रांसफार्मर और जल योजनाएं ठप

राज्य में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक 4 नेशनल हाईवे सहित 1,217 सड़कें पूरी तरह बंद रहीं। इसके अलावा 1,868 बिजली ट्रांसफार्मर और 669 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। शिमला जिले के रामपुर ज्यूरी के मगलाड क्षेत्र में पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने के कारण नेशनल हाईवे-5 पूरी तरह बंद हो गया है। इससे वाहनों की आवाजाही रुक गई और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़ रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी मुश्किलें

बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। स्कूलों और दफ्तरों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। प्रशासन लगातार सड़क बहाली और जरूरी सेवाओं को पटरी पर लाने के प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार भूस्खलन से दिक्कतें कम नहीं हो पा रही हैं।

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