#अपराध
February 28, 2026
हिमाचल में 4 साल की मासूम का अपहरण...पिता संग स्कूल से जा रही थी घर, बाइक सवार युवकों ने उठाया
स्कूल के आसपास सुरक्षा पर उठ रहे गंभीर सवाल
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
दरअसल, पुलिस जिला नूरपुर के जाच्छ क्षेत्र में एक निजी स्कूल के बाहर दिनदहाड़े 4 साल की मासूम बच्ची के अपहरण का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जाच्छ निवासी सुरेश कुमार अपनी 4 वर्षीय बेटी को रोज की तरह स्कूल से छुट्टी के बाद घर लेकर लौट रहे थे। स्कूल के बाहर सामान्य चहल-पहल थी। तभी अचानक एक बाइक पर सवार तीन युवक उनके पास आकर रुके।
सुरेश कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनमें से एक युवक ने झपट्टा मारकर बच्ची को गोद से छीनने की कोशिश की। मासूम सहम गई और चीखने लगी। स्थिति को भांपते हुए सुरेश कुमार ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूरे जोर से विरोध किया और बच्ची को अपनी पकड़ में कसकर संभाल लिया। अचानक हुए प्रतिरोध से आरोपी घबरा गए और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद सुरेश कुमार ने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। उन्होंने तुरंत आसपास के क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की जानकारी जुटाई और संबंधित फुटेज निकलवाया। फुटेज में बाइक सवार युवकों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थीं। सुरेश कुमार ने यह फुटेज पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू की। पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई। जांच के बाद तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि उनका असली मकसद क्या था, क्या वे किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं, या यह कोई व्यक्तिगत रंजिश अथवा अन्य कारण से किया गया प्रयास था।
घटना के बाद जाच्छ क्षेत्र के अभिभावकों में गहरा आक्रोश और चिंता देखी जा रही है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल समय में पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
हालांकि, इस मामले में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि बच्ची सुरक्षित है और समय रहते अपराध टल गया। यदि पिता की तत्परता में जरा सी भी देरी होती, तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर और खुलासे होने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों को सतर्क रहने और बच्चों की सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने का संदेश दिया है।