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February 13, 2026

हिमाचल में महंगी होगी शराब, सुक्खू सरकार ने राजस्व बढ़ाने को लिए पांच बड़े फैसले; जानें

हिमाचल में पहली बार शराब ठेकों की होगी ई नीलामी

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में शराब के शौकीनों लोगों को अब अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नई आबकारी नीति 2026 को हरी झंडी दे दी है। जिसके तहत सरकार ने शराब के ठेकों की ई नीलामी का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद अब हिमाचल में शराब के दाम 10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। जिससे आम जनता को अपनी पसंदीदा ब्रांड के लिए अब पहले से कहीं अधिक जेब ढीली करनी होगी।

 

दरअसल गुरुवार को शिमला स्थित सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में कई बड़े और सख्त निर्णय लिए गए, जिनमें शराब ठेकों के आवंटन की प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव और राजस्व वृद्धि के नए उपाय शामिल हैं।

 

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पहली बार ई-नीलामी से आवंटित होंगे ठेके

हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब शराब के ठेकों का आवंटन पारंपरिक टेंडर प्रक्रिया के बजाय ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पारदर्शी प्रक्रिया से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकारी खजाने में भी अधिक पैसा आएगा। नई नीति और ई-नीलामी प्रक्रिया के लागू होने के बाद प्रदेश में शराब की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।

राजस्व बढ़ाने की दिशा में कई बड़े फैसले

कैबिनेट बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान में की गई कटौती के बाद राज्य को अपनी वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए आंतरिक संसाधन जुटाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य ने लगभग 3,500 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया है और अब इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

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लॉटरी सिस्टम का खाका

शराब ठेकों की ई-नीलामी के साथ-साथ प्रदेश में अब लॉटरी प्रक्रिया भी शुरू होगी। सरकार ने प्रदेश में लॉटरी प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए एक सब कमेटी गठित करने का फैसला लिया है। जो राज्य लॉटरी विनियमन नियम 2026 का खाका तैयार करेगी। इस कमेटी की अध्यक्षता ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह करेंगे। सरकार का यह फैसला भी प्रदेश के राजस्व बढ़ाने में काफी अहम साबित होने वाला है।

बाहर से आने वाले वाहनों पर बढ़ेगा प्रवेश शुल्क

राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रवेश शुल्क बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। इससे पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार का मानना है कि यह कदम आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी है।

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स्ट्रीट वेंडर और रोड ड्रेनेज पॉलिसी को मंजूरी

कैबिनेट ने सिर्फ आबकारी नीति ही नहीं, बल्कि स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी और लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज पॉलिसी को भी मंजूरी दी है। इन नीतियों का उद्देश्य शहरी व्यवस्था को सुदृढ़ करनाए अवैध कब्जों को नियंत्रित करना और बरसात के दौरान सड़कों को नुकसान से बचाना है।

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