#अपराध
February 13, 2026
हिमाचल: पैसों को लेकर मा*र दी गई मिड-डे मील वर्कर, आरोपी को इस वजह से था बदनामी का डर
बदला लेना चाहता था आरोपी
शेयर करें:

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के देहरा में हुई मिड-डे मील वर्कर की हत्या ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मासूम बच्चों के सामने अंजाम दी गई इस खौफनाक वारदात के 40 मिनट के भीतर ही पुलिस ने आरोपी राकेश उर्फ मोनू (45) को गिरफ्तार कर लिया था। अब पुलिस पूछताछ में हत्या की दो मुख्य वजहें सामने आ रही हैं, जिन्होंने आरोपी को 'जल्लाद' बना दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, हत्या की सबसे बड़ी वजह पैसों का लेनदेन बताई जा रही है। आरोपी मोनू और मृतका सलोचना का बेटा पहले एक साथ 'टेंट हाउस' में काम करते थे। जानकारी के मुताबिक, इनके बीच पैसों के हिसाब-किताब को लेकर अनबन चल रही थी। मोनू का दावा था कि उसके पैसे बकाया हैं, जिन्हें सलोचना का परिवार नहीं लौटा रहा था। वह पैसे मांगने कई बार महिला के घर भी गया था, लेकिन वहां उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। इसी खुन्नस में वह बदले की आग में जल रहा था।
दूसरी बड़ी वजह सामाजिक बदनामी से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि सलोचना ने मोनू पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए थे। मोनू इन आरोपों को झूठा मानता था और उसका कहना था कि इन आरोपों की वजह से समाज में उसकी काफी किरकिरी हुई है। बदनामी के कारण वह मानसिक रूप से आहत था। मोनू की निजी जिंदगी भी काफी उथल-पुथल भरी रही है—उसकी दो शादियां हुई थीं, लेकिन विवादों के कारण दोनों पत्नियां उसे छोड़कर जा चुकी थीं। घर पर वह अपनी बुजुर्ग और मानसिक रूप से अस्वस्थ मां के साथ रहता था।
गुरुवार दोपहर करीब 12:20 बजे, जब सलोचना स्कूल की रसोई के दरवाजे पर बैठकर अपना काम कर रही थी, तभी मोनू हाथ में तेज धारदार हथियार (दराट) लेकर वहां पहुंचा। उसने सलोचना पर ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि उस वक्त स्कूल के बच्चे भी वहीं मौजूद थे। स्कूल स्टाफ ने हिम्मत दिखाते हुए पत्थर मारकर आरोपी को वहां से भगाया और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की कार्रवाई को लेकर SP मयंक चौधरी ने बताया कि वारदात के बाद चार टीमें गठित की गईं और महज 40 मिनट में आरोपी को मंदिर के पास से दबोच लिया गया। पुलिस अब हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस हत्याकांड की पूरी सच्चाई अदालत के सामने रखी जा सके।