#विविध
September 1, 2025
हिमाचल में कुदरत का कहर : गांव पर मंडराया खतरा, लोगों को मजबूरन छोड़ने पड़ रहे अपने आशियाने
ग्रामीण रहने के ठिकाने ढूंढ रहे हैं- चेहरों में छाई मायूसी
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब कहर बनकर बरस रही है। विशेषकर कुल्लू जिले के मनाली और सोलंग क्षेत्र में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है और मनाली-लेह मार्ग भी बार-बार प्रभावित हो रहा है।
वहीं, अब यह संकट आसपास के गांवों तक पहुंच चुका है और करीब 15 घरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। मनाली के ऐतिहासिक सोलंग गांव की स्थिति सबसे गंभीर हो चुकी है। गांव के चारों ओर से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिससे कई घर सीधे खतरे में आ गए हैं।
कुछ मकानों की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि कई परिवार अपने घरों से सामान निकालकर दूसरों के घरों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो गांव पूरी तरह उजड़ सकता है।
स्थानीय निवासी देवी चंद ने बताया कि उसाका घर भी भूस्खलन की चपेट में आ चुका है। उसने मजबूरन अपना घर खाली कर दिया है- अब वो अपने परिवार के साथ पड़ोसियों के घर में दिन गुजार रहा है। उसने बताया कि गांव के कई परिवार दूसरों के घरों में रहने का ठिकाना ढूंढ रहे हैं।
पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि गांव की स्थिति अब नाजुक हो गई है। लगभग 8 से 9 घरों को ग्रामीण खाली कर चुके हैं और रहने के ठिकाने ढूंढ रहे हैं। कई परिवार अपने रिश्तेदारों या पड़ोसियों के घर रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि अब तक किसी भी परिवार को फौरी राहत नहीं मिल पाई है। लगातार बारिश से सड़कों की हालत बिगड़ चुकी है, जिससे राहत पहुंचाने में भी मुश्किलें आ रही हैं। गोविंद ठाकुर ने कहा कि सरकार और प्रशासन को जल्द विशेषज्ञों की टीम गांव भेजनी चाहिए, ताकि स्थिति का आकलन कर गांव को बचाने की योजना बनाई जा सके।
पूर्व मंत्री ने सरकार से आग्रह किया कि सोलंग गांव के पास से बह रही व्यास नदी और सोलंग नाले का रुख मोड़ना जरूरी है, ताकि गांव को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं और प्रशासन को तुरंत राहत और पुनर्वास के कदम उठाने चाहिए।