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June 3, 2026
हिमाचल : जहां 30 साल रहे चौकीदार, अब उसी पंचायत में प्रधान बने जगदीश कुमार- हर ओर चर्चा
पंचायत में जगदीश कुमार की जीत बनी मिसाल
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद अब कई ऐसे नतीजे सामने आ रहे हैं- जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। विकास खंड लंबागांव की ग्राम पंचायत संघोल से भी एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी निकलकर सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, ईमानदारी और जनसेवा का फल एक न एक दिन जरूर मिलता है।
करीब तीन दशक तक पंचायत चौकीदार के रूप में सेवाएं देने वाले जगदीश कुमार अब उसी पंचायत के प्रधान चुने गए हैं। जहां उन्होंने वर्षों तक लोगों की समस्याओं को करीब से देखा और समझा।
जगदीश कुमार की जीत को ग्रामीण क्षेत्र में एक सामान्य चुनावी सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष और समर्पण की जीत के रूप में देखा जा रहा है। पंचायत चुनाव में उन्होंने 430 मत हासिल कर प्रधान पद पर कब्जा जमाया। वहीं, उपप्रधान पद के लिए हुए चुनाव में राकेश कुमार ने 631 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। पंचायत में कुल 1140 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव परिणाम घोषित होते ही पंचायत क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की। कई लोगों ने इसे गांव की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक पल बताया।
करीब 30 वर्षों तक पंचायत चौकीदार के रूप में काम करते हुए जगदीश कुमार ने पंचायत के हर कोने को करीब से देखा। गांव की छोटी-बड़ी समस्याओं से वह भली-भांति परिचित हैं। लोगों का कहना है कि चौकीदार रहते हुए भी वह केवल अपने दायित्वों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि पंचायत के विकास और जनहित के मुद्दों में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के अलग-अलग वार्डों में लोगों की जरूरतों और परेशानियों को समझने का जो अनुभव जगदीश कुमार के पास है- वह उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग पहचान देता है। यही कारण रहा कि इस बार मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए पंचायत की कमान उनके हाथों में सौंप दी।
प्रधान चुने जाने के बाद जगदीश कुमार ने पंचायत के विकास को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। बरसात के दिनों में कई स्थानों पर जलभराव और गंदे पानी की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि खाल्टा की ओर जाने वाले बरसाती पानी की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इस मामले को लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाकर स्थायी समाधान करवाने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा पंचायत की गलियों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जगदीश कुमार केवल पंचायत चौकीदार के रूप में ही नहीं जाने जाते, बल्कि कर्मचारी हितों के लिए भी लंबे समय तक संघर्ष करते रहे हैं। चौकीदार यूनियन में उन्होंने ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने का काम किया। उनके सहयोगियों का कहना है कि संगठनात्मक अनुभव और लोगों के साथ लगातार जुड़े रहने की क्षमता उन्हें एक प्रभावी जनप्रतिनिधि बनने में मदद करेगी।
लोगों ने जताया भरोसा
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए जगदीश कुमार ने पंचायत के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंचायतवासियों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उस भरोसे को वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंचायत के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और हर वर्ग के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाएगा।
संघोल पंचायत के कई बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि जगदीश कुमार की जीत यह संदेश देती है कि जनता आज भी ऐसे लोगों को महत्व देती है जो वर्षों तक जमीन पर रहकर समाज की सेवा करते हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनका अनुभव पंचायत के विकास को नई दिशा देगा और क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।