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April 24, 2025

चूड़ा-मेहंदी वाले हाथ सूने कर गया पहलगाम- 6 दिन में उजड़ा हिमांशी का सुहाग, हिमाचल के लोगों में भी उबाल

हिमाचल के बाजारों में पसरा सन्नाटा

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Himachal News

शिमला। जिस हाथों की मेहंदी अभी सूखनी बाकी थी, उन्हीं हाथों में आज बेबसी, खालीपन और गम की लकीरें दर्ज हो चुकी हैं। 16 अप्रैल को धूमधाम से हुई शादी की तस्वीरें अभी फ्रेम भी नहीं हुई थीं कि 23 अप्रैल को पहलगाम से आई एक ख़बर ने सबकुछ बदल दिया।

नवविवाहिता की उजड़ी दुनिया

आतंकियों की गोली ने नेवी में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को हमसे छीन लिया और उस दिन से उनकी नवविवाहिता पत्नी हिमांशी की दुनिया पूरी तरह उजड़ गई। हिमांशी की दादी की चीखों में एक ऐसी पीड़ा छुपी थी जो हर दिल को हिला दे।

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फूट-फूटकर रोते हुए उन्होंने कहा, "15 दिन में मेरी पोती का संसार उजड़ गया, क्या करूं... शायद नियति को यही मंजूर था। अब क्या होगा मेरी पोती का..." उनकी आवाज कांप रही थी, आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

जनवरी में रिश्ता, अप्रैल में सगाई और शादी

बताया जा रहा है कि जनवरी में विनय और हिमांशी का रिश्ता तय हुआ था। छह अप्रैल को सगाई और 16 अप्रैल को शादी हुई। पूरा परिवार खुशियों में डूबा हुआ था। किसी को क्या पता था कि यह खुशी इतनी कम वक्त के लिए होगी। जिस घर में अभी कुछ दिन पहले ढोलक बजी थी, अब वहां मातम पसरा है। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा है, लोगों की आंखें नम हैं।

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7 दिन बाद दर्दनाक मौत

गुरुग्राम स्थित ससुराल में दिनभर रिश्तेदार और परिचित आते रहे- कोई भी शब्द नहीं ढूंढ पा रहा था। हिमांशी के गम को कम करने के लिए हर कोई यही कहता नजर आया: "किस्मत को यही मंजूर था, पर ये इतनी जल्दी क्यों हुआ?"

हिमाचल में छाया सन्नाटा

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जिससे देशभर में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। हिमाचल प्रदेश में भी इस हमले के विरोध में आम जनता, व्यापारी वर्ग और धार्मिक संगठनों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किए और बाजार बंद रखे। शिमला से लेकर चंबा, नाहन, रामपुर और अन्य जिलों में बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।

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90% टूरिस्ट की बुकिंग कैंसल

विदित रहे कि, इस वक्त कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का असर देशभर के पर्यटन पर साफ़ तौर पर देखा जा रहा है। हमले के बाद कश्मीर में घूमने आने वाले पर्यटकों में भय और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। नतीजतन, कश्मीर के प्रमुख हिल स्टेशनों की करीब 90 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो चुकी है। ट्रैवल एजेंसियों और होटल कारोबारियों के मुताबिक, मई-जून की छुट्टियों के लिए पहले जहां कश्मीर की होटलों में एडवांस बुकिंग फुल चल रही थी, अब वहां की अधिकतर बुकिंग एक झटके में रद्द हो गई हैं।

 

पर्यटकों का बड़ा वर्ग अब अपनी यात्रा की दिशा हिमाचल प्रदेश की ओर मोड़ चुका है। शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी जैसे हिल स्टेशनों में अचानक से बुकिंग की बाढ़ आ गई है। होटल व्यवसायियों और ट्रैवल ऑपरेटर्स के अनुसार, जो पर्यटक पहले कश्मीर जाने वाले थे, वे अब हिमाचल के सुरक्षित और शांत पहाड़ी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।

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