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March 26, 2026
फौजी भाइयों की अटूट आस्था : चिंतपूर्णी के बाद अब बाबा बालक नाथ मंदिर में चढ़ाई दिव्य भेंट
चिंतपूर्णी माता और बाबा बालक नाथ मंदिर में फौजी भाइयों ने दी भव्य भेंट
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के मंदिरों और शक्तिपीठों के साथ लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। यहां श्रद्धालु अपनी मुरादें पूरी होने पर मंदिरों में भव्य भेंट अर्पित करते हैं। इसी आस्था और समर्पण की एक अनूठी झलक फौजी भाइयों द्वारा दी गई भेंट में देखने को मिली।
हमीरपुर के दियोटसिद्ध स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में भक्ति और देशभक्ति का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला- जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। भारतीय सेना की 6 डोगरा रेजिमेंट बटालियन ने गहरी श्रद्धा और समर्पण भाव के साथ बाबा बालक नाथ को भव्य भेंट चढ़ाई।
बाबा बालक नाथ की विशाल प्रतिमा को पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर प्रशासन को सौंपा गया। इस दौरान 6 डोगरा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रविंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में रिटायर्ड सूबेदार राकेश कुमार, सूबेदार अजमेर सिंह और विनोद कुमार सहित कई जवान मौजूद रहे।

प्रतिमा अर्पण के समय मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को देखा और सेना के जवानों की इस पहल की सराहना की। कई लोगों ने इसे देशभक्ति और धर्म के मेल का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
इस अवसर पर रिटायर्ड सूबेदार राकेश कुमार ने बताया कि 6 डोगरा बटालियन में सभी देवी-देवताओं का सम्मान किया जाता है। मगर विशेष रूप से बाबा बालक नाथ, माता चिंतपूर्णी मंदिर और ज्वाला जी मंदिर को बटालियन का ईष्ट माना जाता है। किसी भी महत्वपूर्ण मिशन या कार्य से पहले जवान इन देवस्थलों का आशीर्वाद लेना अपनी परंपरा का हिस्सा मानते हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में बटालियन की ओर से माता चिंतपूर्णी मंदिर में दो पीतल के शेर भी भेंट किए गए थे। इसके अलावा वर्ष 2010 में इसी बटालियन ने बाबा बालक नाथ मंदिर परिसर में एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण भी करवाया था, जो आज भी उनकी श्रद्धा और सेवा भावना की मिसाल बना हुआ है।

सेना के जवानों द्वारा समय-समय पर किए जा रहे इन धार्मिक और सामाजिक कार्यों से स्थानीय लोगों में गर्व की भावना और भी मजबूत हुई है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और सेना के बीच जुड़ाव का भी प्रतीक है।
मंदिर अधिकारी केशव कुमार ने बताया कि भारतीय सेना की 6 डोगरा बटालियन द्वारा बाबा बालक नाथ जी को 90 किलो वजनी पीतल की प्रतिमा भेंट की गई है, जिसके लिए मंदिर ट्रस्ट उनकी सराहना करता है।
यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश देता है कि भारतीय सैनिक केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था को भी पूरी श्रद्धा से निभाते हैं। भक्ति और देशभक्ति का यह संगम समाज को प्रेरित करने वाला है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत उदाहरण भी पेश करता है।