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November 21, 2025
BREAKING: दुबई एयर शो में भारतीय विमान तेजस क्रैश, हिमाचल का वीर पायलट नमन स्याल शहीद
पांच साल की बेटी का पिता था स्क्वाड्रन लीडर नमन स्याल
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कांगड़ा/नई दिल्ली। दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शो के दौरान भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस शुक्रवार को एक भयावह दुर्घटना का शिकार हो गया। इस विमान हादसे में हिमाचल के पायलट ने राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीद पायलट स्क्वाड्रन लीडर नमन स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि आसमान में उड़ते तेजस के अचानक नियंत्रण खोने से कुछ ही सेकेंड में यह हादसा हो गया। जिसने पूरे देश को शोक में डुबो दिया।
प्रदर्शन के दौरान अचानक विमान का नियंत्रण खो जाने से तेज रफ्तार में नीचे की ओर गिरा और देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गया। भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान के पायलट की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना ने पूरे भारत को शोक में डुबो दिया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।
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अल.मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चल रहे 19वें दुबई एयर शो में तेजस अपनी दमदार उड़ान और फुर्तीले युद्धक कौशल का प्रदर्शन कर रहा था। सूत्रों के अनुसार नेगेटिव जी टर्न, के दौरान विमान अचानक असंतुलित हुआ और नीचे गिरने लगा। कुछ ही पलों में विमान जमीन से टकराते ही भयानक धमाके के साथ धू-धू कर जल उठा। भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, अभी तक दुर्घटना के कारणों पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
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दुर्घटना में शहीद हुए पायलट स्क्वाड्रन लीडर नमन स्याल केवल 34 वर्ष के थे और वायुसेना के हैदराबाद केंद्र में सेवाएं दे रहे थे। उनके घर में इस हादसे की सूचना पहुंचते ही कोहराम मच गया। नमन स्याल अपने पीछे 5 वर्षीय बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं, जो स्वयं भी भारतीय वायुसेना में उच्च अधिकारी हैं। नमन के पिता जगन्नाथ स्याल भारतीय सेना से सेवा निवृत्त हैं और बाद में शिक्षा विभाग में भी कार्यरत रहे। परिवार की तीन पीढ़ियों ने देश की सेवा की है, और अब नमन का सर्वोच्च बलिदान पूरे राष्ट्र को गर्व और दुख से भर गया है।
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नगरोटा बगवां से लेकर पूरे कांगड़ा जिला में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग नम आंखों से इस वीर सपूत को याद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नमन स्याल बचपन से ही देश सेवा को लेकर जुनूनी थे और युद्धक विमान उड़ाने का सपना उन्होंने बहुत छोटी उम्र में देख लिया था।
सूत्रों के अनुसार पायलट का पार्थिव शरीर रविवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना हैए जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रदेश सरकार और सेना के शीर्ष अधिकारी भी अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं।
स्वदेशी तकनीक से निर्मित तेजस लड़ाकू विमान ने अब तक कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की शान बढ़ाई है। यह पहला मौका है जब तेजस किसी एयर शो के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, जिससे इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी तेज हैं। विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।