#विविध
June 5, 2025
सुक्खू सरकार ने किया हिमकेयर का भुगतान : 3 अस्पतालों को मिले करोड़ों, कई अभी भी लटके
सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मिली राहत, निजी केंद्रों ने राजभवन में लगाई गुहार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत लंबित पड़े भारी-भरकम भुगतान को लेकर आखिरकार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य सचिव की ओर से 43.19 करोड़ रुपए की राशि निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को ट्रांसफर कर दी गई है, जिससे यह रकम आगे हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी को भेजी जाएगी।
इस राशि में IGMC शिमला को 15 करोड़, टांडा मेडिकल कॉलेज को 15 करोड़ और PGI चंडीगढ़ को 13.19 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जिसके बाद मरीजों को अब थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
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हालांकि यह राहत ज्यादा बड़ी नहीं है, क्योंकि हिमकेयर योजना के तहत अभी भी सरकार की कुल बकाया राशि 400 करोड़ रुपए से अधिक है। IGMC और टांडा में अब भी करोड़ों की पुरानी देनदारियां बाकी हैं। यह भुगतान फिलहाल सिर्फ दबाव कम करने और सेवाएं सुचारू रखने के लिए किया गया है।
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सरकारी संस्थानों को भुगतान मिलने के बावजूद राज्य के निजी डायलिसिस केंद्रों की हालत अब भी बदतर है। डेढ़ साल से हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत किडनी मरीजों को डायलिसिस देने वाले केंद्रों को एक भी पैसा नहीं मिला है। मरीजों का इलाज जारी है, मगर केंद्र आर्थिक संकट में घिरते जा रहे हैं।
मंगलवार को नेरचौक के हिमाचल वैली अस्पताल और करसोग के निजी डायलिसिस केंद्रों के संचालकों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि लाखों रुपए बकाया हैं और अब सुविधा को जारी रखना संभव नहीं है। ये संचालक स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल से मिलने पहुंचे थे, मगर मुलाकात नहीं हो पाई।
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राज्य सरकार ने प्राइवेट डायलिसिस केंद्रों को इलाज की अनुमति दी हुई है, और प्रति मरीज 1500 रुपए प्रति डायलिसिस का भुगतान तय किया गया है। मगर महीनों से फाइलें सचिवालय में घूम रही हैं। अब जबकि सरकारी संस्थानों को आंशिक भुगतान मिल गया है, निजी केंद्रों को भी भुगतान की उम्मीद बंधी है, मगर कब और कैसे—इसका कोई ठोस उत्तर नहीं है।