#विविध
June 24, 2025
हिमाचल : 50% से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों पर गिरेगी गाज: तबादले तय, इंक्रीमेंट भी रुकेगा
जिला उपनिदेशकों के ज़रिए जुटाई जा रही जानकारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजों के बाद शिक्षा विभाग ने कम प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। जिन विषयों में परीक्षा परिणाम 50 फीसदी से कम रहा है, वहां तैनात शिक्षकों की सूची बनाई जा रही है। शिक्षा निदेशालय द्वारा इस संबंध में डाटा जुटाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आगामी सप्ताह में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
बतौर रिपोर्टर्स, इन शिक्षकों को पहले कारण बताओ नोटिस यानी शो कॉज़ नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे जवाब तलब किया जाएगा। यदि उत्तर असंतोषजनक पाया गया तो न केवल उनकी सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकी जाएगी, बल्कि उनका तबादला भी किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने उन स्कूलों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों पर भी निगाहें टेढ़ी कर दी हैं, जहां परिणाम 25 फीसदी से भी कम रहा है। ऐसे 52 स्कूलों के प्रधानाचार्यों को नोटिस भेज दिए गए हैं और उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में 'रेड एंट्री' की जाएगी। इसमें 12वीं के पांच और 10वीं के 47 स्कूलों के प्रधानाचार्य और हेडमास्टर शामिल हैं।
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि सभी जिला उपनिदेशकों को विषयवार बोर्ड परीक्षाओं का विश्लेषण भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह जानना है कि किस स्कूल में किस विषय में कितना रिजल्ट रहा है।
इसके आधार पर जिन शिक्षकों की परफॉर्मेंस 50% से कम है, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के स्कूलों की गुणवत्ता बेहतर हो और छात्रों को मजबूत शैक्षणिक आधार मिले। इसके लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है। अब कमजोर प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि स्कूलों में केवल वही शिक्षक रहें जो अपने विषय की बेहतर समझ रखते हैं और विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिलाने में सक्षम हैं। यह कदम हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा देने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।