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April 22, 2026

हिमाचल की हवाओं में घुला ज*हर- सांस लेने में हो रही तकलीफ, धुआं-धूल से कहराए लोग

साफ हवा न होने से सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा 

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Air Pollution solan

सोलन। हिमाचल प्रदेश जिसे कभी शांत व स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता था, अब प्रदूषण की मार झेलने लगा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि यहां भी हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है। सबसे ज्यादा असर सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में देखने को मिल रहा है, जहां बढ़ता प्रदूषण अब लोगों के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है।

साफ हवा न होने से सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा 

बता दें कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि यहां की हवा लगातार खराब होती जा रही है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक बद्दी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 222 तक पहुंच गया है, जो “पुअर” कैटेगरी में आता है। यानी यहां की हवा अब सामान्य नहीं रही और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

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पांवटा साहिब में बढ़ा प्रदूषण, स्थानीय वजहें भी अहम

वहीं पांवटा साहिब भी इस मामले में दूसरे नंबर पर है, जहां AQI 123 दर्ज किया गया है, जो “मॉडरेट” जोन में आता है। इतना प्रदूषण बढ़ने के पीछे इसकी वजह सिर्फ उद्योग नहीं हैं, बल्कि कई स्थानीय कारण भी इसके लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

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इन दिनों खेतों में गेहूं की कटाई और थ्रैशिंग का काम जोरों पर चल रहा है। इस दौरान काफी मात्रा में धूल उड़ती है, जो सीधे हवा में मिलकर उसे प्रदूषित कर रही है। इसके अलावा इलाके की कई सड़कों की हालत खराब है, जिससे वाहनों के गुजरने पर धूल का गुबार उठता है और हवा की गुणवत्ता और गिर जाती है।

फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं एक बड़ी समस्या

औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं पहले से ही एक बड़ी समस्या बना हुआ है। इसके साथ ही खुले में निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रक और अन्य वाहन भी बिना ढके सामान लेकर चलते हैं, जिससे रास्ते में धूल फैलती रहती है। ये सभी कारण मिलकर बद्दी की हवा को लगातार खराब कर रहे हैं।

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अन्य इलाकों के आंकड़े 

अगर प्रदेश के अन्य इलाकों की बात करें तो  आंकड़े कुछ अलग नजर आते हैं। मनाली में सबसे साफ हवा दर्ज की गई, जहां AQI सिर्फ 30 रहा। वहीं शिमला, सुंदरनगर, परवाणू और नालागढ़ जैसे क्षेत्रों में AQI 50 से नीचे रहा, जो अच्छी श्रेणी में आता है। धर्मशाला, ऊना, बरोटीवाला और कालाअंब में AQI 100 से नीचे दर्ज किया गया, जिसे संतोषजनक माना जाता है। हालांकि बद्दी और पांवटा के आंकड़े बाकी इलाकों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं, जो चिंता बढ़ाने वाले हैं।

 शहरों में AQI पहुंच 200 के पार 

देश के अन्य हिस्सों में भी हालात कुछ खास बेहतर नहीं हैं। कई शहरों में AQI 200 के पार पहुंच चुका है, जो खराब हवा की ओर इशारा करता है। इधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। खास तौर पर सड़कों की मरम्मत और सुधार के निर्देश दिए गए हैं, ताकि धूल उड़ने की समस्या को कम किया जा सके।

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