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March 2, 2026
हिमाचल: अंतिम संस्कार के दिन खाते में आई पहली सैलरी, ट्रेनी कांस्टेबल नेहा को नम आंखों से दी विदाई
अपना पहला वेतन भी नहीं ले पाई पुलिस प्रशिक्षु नेहा
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नाहन। कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर ठहर जाती है, जहां खुशियों की दस्तक और दर्द की आहट एक साथ सुनाई देती है। सिरमौर जिले की बेटी और हिमाचल पुलिस की युवा महिला कांस्टेबल नेहा शर्मा की कहानी भी कुछ ऐसी ही बन गई, जिसने पूरे प्रदेश को भावुक कर दिया। परिवार का सहारा बनने का जिम्मा उठाने वाली यह होनहार बेटी अपने सपनों की शुरुआत ही कर पाई थी कि नियति ने जीवन की डोर अचानक थाम ली।
सिरमौर जिले के नाहन क्षेत्र के गांव मनोण ;भाणतद्ध की रहने वाली 28 वर्षीय नेहा शर्मा हाल ही में हिमाचल प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुई थीं। पुलिस वर्दी पहनकर परिवार की जिम्मेदारियां संभालने और माता.पिता का सहारा बनने का सपना उन्होंने बड़े हौसले के साथ देखा था। भर्ती के बाद वह कांगड़ा स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र डरोह में प्रशिक्षण ले रही थीं और फरवरी माह से अपनी सेवा यात्रा की शुरुआत कर चुकी थीं। परिवार और गांव को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
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प्रशिक्षण के दौरान नेहा की तबीयत अचानक खराब हो गई। प्रारंभिक जांच में उन्हें अल्सर की समस्या बताई गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए डॉ राजेंद्र प्रसाद गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी था, लेकिन रविवार रात उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद युवा कांस्टेबल जिंदगी की जंग हार गईं। बेटी की मौत से पिता कमल दत्त शर्मा और माता नीशा शर्मा पूरी तरह से टूट गए।
नेहा के निधन के बाद जब सोमवार को उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उसी दौरान एक ऐसी खबर आई जिसने हर आंख नम कर दी।
जिस बेटी ने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने का बीड़ा उठाया था, उसकी पहली सैलरी उसी दिन बैंक खाते में पहुंची, जिस दिन उसे अंतिम विदाई दी जा रही थी। यह दर्दनाक संयोग सुनते ही अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों का गला भर आया और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
नेहा शर्मा को पुलिस विभाग की ओर से पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। साथी जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपनी कर्तव्यनिष्ठ सहयोगी को श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन और पुलिस अधिकारी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों ने नेहा को अनुशासित, मेहनती और समर्पित जवान बताते हुए उनके असामयिक निधन को विभाग के लिए बड़ी क्षति बताया।
विभाग की ओर से शोक संतप्त परिवार को त्वरित सहायता राशि भी प्रदान की गई। इसके अंतर्गत पुलिस वेलफेयर फंड से 35,000 रुपये और रिटायरमेंट फंड से 25,000 रुपये की तत्काल राहत राशि