#विविध
March 24, 2026
हिमाचल : बिना परमिशन खुले कई SPA सेंटर, अंदर चलता है गंदा काम- सदन में गूंजा मुद्दा
स्पा सेंटर संचालन के लिए बनेगी SOP
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे स्पा सेंटरों और उनमें कथित अवैध गतिविधियों का मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठा। जहां, मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने सदन में इस विषय को रखते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई हिस्सों में स्पा सेंटर बिना वैध पंजीकरण के चल रहे हैं और कुछ जगहों पर इनका दुरुपयोग गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए सदन में तत्काल संज्ञान लिया गया। जिसमें उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने विधानसभा में जवाब देते हुए बताया कि सरकार जल्द ही स्पा सेंटरों के संचालन के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तैयार करेगी। इस SOP का उद्देश्य राज्य में चल रहे सभी स्पा सेंटरों को एक स्पष्ट नियमावली के तहत लाना और उनकी निगरानी को प्रभावी बनाना है।
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में कुल 61 स्पा सेंटर पंजीकृत हैं। इनमें सबसे अधिक 29 स्पा सेंटर कुल्लू जिले में संचालित हो रहे हैं, जबकि कांगड़ा में 17, शिमला में 12, सोलन में 2 और लाहौल-स्पीति में 1 स्पा सेंटर पंजीकृत है। वहीं, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा, किन्नौर और सिरमौर जैसे जिलों में अभी तक कोई भी पंजीकृत स्पा सेंटर नहीं है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बड़े होटलों के भीतर संचालित स्पा सेंटरों को अलग से पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि वे होटल के लाइसेंस के अंतर्गत ही आते हैं।
फिलहाल सभी पंजीकृत स्पा सेंटर हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य संस्थान अधिनियम, 1969 के तहत पंजीकृत हैं। आगे की कार्यवाही के तहत स्वास्थ्य, आयुष और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इन केंद्रों की निगरानी और संचालन को लेकर जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
वहीं, विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने चिंता जताई कि कई स्थानों पर बिना पंजीकरण के स्पा सेंटर संचालित हो रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि यदि किसी को ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराए, ताकि नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सके।