#अपराध
March 24, 2026
हिमाचल कांग्रेस नेता तिहाड़ जेल से रिहा, PM मोदी से जुड़ा है मामला- जानें क्या
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति गरमाई
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल डडवाल को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया है। उनकी रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
गगरेट क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल डडवाल की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। दिल्ली की अदालत ने सोमवार को डडवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दी।
PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली, जिसके बाद देर शाम उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इस फैसले को उनके समर्थक बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 25 फरवरी को अनिल डडवाल के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट साझा किया, जिसे आपत्तिजनक और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती माना गया।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जब गगरेट के घनारी पहुंची तो डडवाल वहां नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा।
डडवाल 16 मार्च को खुद दिल्ली पहुंचकर स्पेशल सेल के समक्ष जांच में शामिल हुए। इस दौरान उनसे लंबी पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से पहले रिमांड और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
करीब एक हफ्ता पहले उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद उनकी ओर से जमानत याचिका दायर की गई, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई।

जमानत मिलने के बाद गगरेट क्षेत्र में उनके समर्थकों ने खुशी जाहिर की। कई जगहों पर इसे राहत भरी खबर के रूप में देखा गया। गगरेट से विधायक राकेश कालिया ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था और अदालत ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए सही निर्णय लिया है।
हालांकि, जमानत मिलने के बाद भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। डडवाल को जांच में सहयोग करना होगा और अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा। पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।
यह पूरा घटनाक्रम हिमाचल की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर समर्थक इसे न्याय की जीत बता रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमे में भी इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।