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April 27, 2025

सुक्खू सरकार के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी, शिक्षकों की सैलरी कटी- 6 निलंबित

शिक्षक संघ का सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध

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Teacher Protest

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शनिवार को शिक्षा विभाग के तहत प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरकार ने उन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिन्होंने सरकार के नीतिगत निर्णयों का विरोध किया और सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लिया। इन शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने और कुछ शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया है।

 

6 शिक्षक निलंबित


शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों ने सरकारी नीतियों का विरोध किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने छह शिक्षकों को निलंबित करने का आदेश जारी किया है और उन शिक्षकों को भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने को कहा है जिन्होंने सरकारी नीतियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की हैं।

 

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अनशन हुआ शुरू


सरकार के इस कड़े रुख के खिलाफ, प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिमला में शिक्षा निदेशालय के परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। शनिवार को पांच शिक्षक अनशन पर बैठे, और रविवार से अन्य शिक्षक अनशन पर बैठने के लिए तैयार हैं। संघ ने सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की है, और अनशन को तब तक जारी रखने की बात की है जब तक उनकी मांगों पर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता।

 

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शिक्षकों का विरोध


शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि सरकार के फैसले से प्राथमिक शिक्षा के भविष्य को खतरा हो सकता है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि सरकार ने कभी भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और केवल आश्वासन दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो उनका विरोध जारी रहेगा।

 

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नौकरी से संबंधित अनुशासनात्मक कार्रवाई


सरकार के आदेश के तहत, जिन शिक्षकों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ टिप्पणियां की हैं, उनके खिलाफ अनुपस्थिति को बिना वेतन के अवकाश (डाइस-नॉन) के रूप में चिह्नित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, जिन शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारियों से इंकार किया है, उन्हें सिविल सेवा नियमों के तहत गंभीर दंड का सामना करना पड़ सकता है।

यह मामला अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन चुका है और देखना होगा कि सरकार और शिक्षक संघ के बीच यह तनाव कब तक जारी रहता है।

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