#विविध
January 27, 2026
हिमाचल पुलिस भर्ती में डोप टेस्ट से पकड़ा गया नशेड़ी युवक- नहीं मिलेगी नौकरी, और भी पकड़े जाएंगे
कांगड़ा में पुलिस भर्ती अभ्यर्थी डोप टेस्ट में पॉजिटिव
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम अब सिर्फ सड़कों और होटलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे सिस्टम के भीतर पहुंच गई है। सरकार की ओर से पहली बार पुलिस भर्ती प्रक्रिया में डोप टेस्ट को अनिवार्य बनाने का फैसला अब अपने नतीजे दिखाने लगा है। इसी कड़ी में जिला कांगड़ा से सामने आया एक मामला पुलिस महकमे और समाज, दोनों के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।
प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के तहत कराए जा रहे डोप टेस्ट में जिला कांगड़ा से चयनित एक अभ्यर्थी की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। पहले चरण में अस्पताल में लिए गए सैंपल की जांच में नशे के सेवन की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुष्टि के लिए सैंपल को फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया, जहां से भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
निदेशालय फोरेंसिक सेवाएं की निदेशक डॉ. मीनाक्षी महाजन ने पुष्टि की है कि कांगड़ा से भेजे गए सैंपल की लैब जांच में नशे की मौजूदगी पाई गई है। रिपोर्ट पुलिस विभाग को सौंप दी गई है, ताकि आगे की प्रक्रिया तय की जा सके।
एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने बताया कि डोप टेस्ट रिपोर्ट को लेकर पुलिस मुख्यालय को अवगत करवा दिया गया है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और दिशा-निर्देश वहीं से तय होंगे।
प्रदेश पुलिस विभाग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के जिलावार डोप टेस्ट करवाए जा रहे हैं। अधिकांश जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि कुछ जिलों में अंतिम चरण में है। सभी जिलों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कुल कितने चयनित अभ्यर्थियों की रिपोर्ट संदिग्ध या पॉजिटिव पाई गई है।
प्रदेश सरकार ने युवाओं में बढ़ते नशे, खासकर चिट्टे जैसी घातक लत को देखते हुए पुलिस भर्ती में पहली बार डोप टेस्ट को अनिवार्य किया है। सरकार का उद्देश्य साफ है कि पुलिस जैसी जिम्मेदार सेवा में नशे के आदी युवाओं की एंट्री रोकना और व्यवस्था को मजबूत करना।