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April 17, 2026
हिमाचल पंचायत चुनाव: अफसरों को सीधी चेतावनी, किसी दल का साथ दिया तो होगी बड़ी कार्रवाई
अगले हफ्ते तक जारी हो सकता है चुनाव का शेड्यूल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। वीरवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
संकेत दिए गए हैं कि 20 अप्रैल के आसपास या उसके बाद कभी भी चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने साफ निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों को चेताया कि किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष में झुकाव की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। करीब डेढ़ घंटे चली समीक्षा बैठक में जिलेवार तैयारियों का विस्तृत फीडबैक लिया गया।
इसमें बैलेट पेपर की छपाई, मतदाता सूचियों की स्थिति, मतपेटियों की उपलब्धता, चुनाव ड्यूटी के लिए कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा प्रबंधों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि ज्यादातर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और बाकी काम भी जल्द निपटा लिया जाएगा।
पुलिस विभाग ने भी अपनी रणनीति साझा की। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर उनकी मैपिंग की जा रही है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। साथ ही चुनाव से जुड़ी शिकायतों के निवारण के लिए अलग से कंट्रोल रूम और शिकायत कक्ष बनाए जाएंगे।
चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद नियमों के उल्लंघन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाता अपने परिजनों की सहायता से मतदान केंद्र तक पहुंचकर वोट डाल सकेंगे- ताकि उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
इस बार पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे, जबकि शहरी निकाय चुनाव एक ही चरण में होंगे। प्रदेश के चार नगर निगम- मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालमपुर सहित कुल 53 शहरी निकायों में भी इसी दौरान मतदान होगा। निकाय चुनाव EVM के माध्यम से कराए जाएंगे।
मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है। आयोग ने 1 अप्रैल तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को वोटर बनने का अवसर दिया था। अब नए मतदाता पंजीकरण बंद कर दिए गए हैं और 20 अप्रैल तक दावों-आपत्तियों पर सुनवाई होगी। इसके बाद 24 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी।
अनुमान है कि इस बार करीब 20 हजार नए मतदाता जुड़ेंगे, जिससे प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 55.39 लाख तक पहुंच सकती है। निर्वाचन अधिकारियों की ओर से प्राप्त आवेदनों की जांच-पड़ताल तेजी से की जा रही है, ताकि अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।