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June 3, 2025
सुक्खू सरकार बंद करने जा रही 103 स्कूल- बच्चों को अब पढ़ने के लिए जाना पड़ेगा इतनी दूर
कम दाखिलों वाले स्कूलों की सूची तैयार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में चल रहे कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 21 अप्रैल तक हुए दाखिलों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें बताया गया है कि प्रदेश के 103 स्कूलों में एक भी छात्र नहीं है। इनमें 72 प्राइमरी, 28 मिडल और 3 हाई स्कूल शामिल हैं। सरकार को सिफारिश भेज दी गई है कि इन स्कूलों को डिनोटिफाई कर बंद कर दिया जाए।
10 बच्चों वाले 443 स्कूल होंगे मर्ज
इसके अलावा प्रदेश में 10 या उससे कम विद्यार्थियों वाले 443 स्कूलों को समीपवर्ती अधिक दाखिला वाले स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। दूरी के अनुसार मापदंड तय किए गए हैं । 2 से 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों में बच्चों को समायोजित किया जाएगा।
5 से कम बच्चों वाले 203 प्राइमरी स्कूलों पर भी गिरी गाज
203 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं जहां छात्रों की संख्या पांच या उससे कम है। इनमें से 142 स्कूल ऐसे हैं जिनके 2 किमी के भीतर कोई स्कूल नहीं है, ऐसे में इन्हें 3 किमी दूर वाले संस्थानों में मर्ज करने की योजना है। यह कदम बुनियादी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए उठाया जा रहा है।
उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों पर भी सख्ती
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि 73 उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा घटाया जाएगा। एक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में जहां केवल 25 छात्र हैं, उसे बंद कर पास के स्कूल में मर्ज किया जाएगा। पांच से कम छात्रों वाले 18 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को भी डाउनग्रेड किया जाएगा।
78 स्कूल अब बनेंगे सहशिक्षा मॉडल
प्रदेश में 78 ऐसे स्कूल भी सामने आए हैं जहां लड़कों और लड़कियों के अलग-अलग स्कूल हैं लेकिन संख्या बेहद कम है। ऐसे में अब इन्हें मर्ज कर सहशिक्षा स्कूलों का मॉडल लागू किया जाएगा। जिन स्कूलों में आधारभूत ढांचा बेहतर होगा, वहीं पहली से दसवीं तक की कक्षाएं चलेंगी, और जमा एक व जमा दो की पढ़ाई विशेष विषयों के अनुसार तय की जाएगी।