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December 26, 2025
हिमाचल : मां ने कार्टून देखने पर डांटा, रूठकर घर से भागी 7 साल की बच्ची- परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
पुलिस ने 4 घंटे में खोज निकाला
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हमीरपुर। मोबाइल फोन अब बच्चों की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी लत कई बार खतरनाक मोड़ भी ले सकती है। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर स्थित भोरंज क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां कार्टून देखने से मना करना एक मां को भारी पड़ गया।
महज सात साल की मासूम बच्ची इस कदर आहत हुई कि बिना किसी को बताए घर छोड़कर निकल गई। परिवार के लिए यह पल डर और बेचैनी से भरा था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने राहत की सांस दिला दी।
मामला भोरंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाला एक परिवार किराये के मकान में रह रहा है। परिवार के अनुसार, बच्ची मोबाइल फोन पर कार्टून देख रही थी। इसी दौरान मां ने उसे फोन छोड़कर खाना खाने के लिए बुलाया।
पहली बार बुलाने पर जब बच्ची नहीं आई तो मां ने थोड़े सख्त लहजे में दोबारा आवाज दी। बस यहीं से बच्ची नाराज हो गई और मन ही मन ठान लिया कि वह घर में नहीं रहेगी।
बच्ची की मां इसके बाद दोबारा रसोई के काम में लग गई। इसी बीच बच्ची चुपचाप घर से बाहर निकल गई। कुछ समय बाद जब परिजनों ने बच्ची को घर में नहीं देखा तो घबराहट बढ़ गई। आसपास तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
परिजनों ने तुरंत थाना भोरंज को इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की और बच्ची के पैदल जाने के रूट को ट्रेस किया।
लगातार तलाश और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर बच्ची को पूर्वाह्न करीब 11 बजे सकुशल ढूंढ निकाला। बच्ची घर से करीब पांच किलोमीटर दूर पैदल ही पहुंच गई थी। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि बच्ची की गुमशुदगी की सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई थी। समय रहते बच्ची को सुरक्षित खोज लिया गया और किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
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यह घटना एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि मोबाइल की लत बच्चों के व्यवहार पर किस तरह असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से संवाद और धैर्य के साथ व्यवहार करना बेहद जरूरी है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर वे इस तरह के कदम न उठाएं।