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February 19, 2026

हिमाचल के स्कूलों में बांटी गई घटिया दवा- गोलियों के सैंपल फेल, कई बच्चे हो चुके हैं बीमार

खून बढ़ाने के लिए दी गई थी दवा

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Himachal News

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को तंदुरुस्त बनाने के लिए बांटी जा रही आयरन फोलिक एसिड (खून की कमी पूरी करने वाली) की गोलियां खुद बीमार निकलीं। कांगड़ा जिले के स्कूलों में सप्लाई की गई दवाइयों का एक बड़ा बैच लैब टेस्ट में फेल हो गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन गोलियों को बांटने पर रोक लगा दी है।

कैसे खुला मामला ?

इस पूरे मामले की शुरुआत नूरपुर क्षेत्र के एक निजी स्कूल से हुई। 24 दिसंबर को सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को ये गोलियां खिलाई गई थीं। दवा खाने के कुछ ही देर बाद 5 बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें उल्टी और घबराहट होने लगी जिसके बाद उन्हें तुरंत नूरपुर और पठानकोट के अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा।

 

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इस घटना के बाद विभाग सतर्क हुआ और नूरपुर के ड्रग इंस्पेक्टर प्यार चंद ठाकुर ने शक के आधार पर उस बैच की करीब 94,400 गोलियों को सील कर दिया। इन गोलियों के सैंपल जांच के लिए बद्दी स्थित सरकारी लैब भेजे गए थे।

जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

बद्दी लैब से आई ताजा रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि ये गोलियां गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) पर फेल रही हैं। यानी ये दवाइयां वैसी नहीं थीं जैसी इन्हें होना चाहिए था। रिपोर्ट मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने पूरे स्टॉक को आधिकारिक तौर पर जब्त कर लिया।

 

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कंपनी पर होगा केस, वितरण पर लगी रोक

कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विवेक करोल ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए हैं:

  • इस खास बैच (Batch No. TAF 25006 AL) की दवा अब किसी भी बच्चे को नहीं दी जाएगी।
  • दवा बनाने वाली पालघर (महाराष्ट्र) की कंपनी के खिलाफ अब अदालत में केस दर्ज किया जाएगा।
  • जिले के अन्य केंद्रों से भी दवाओं के सैंपल लेकर दोबारा जांच करवाई जा रही है।

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नूरपुर अस्पताल के डॉ. आशीष ने बताया कि जिन बच्चों ने काफी समय पहले ये दवा खाई थी, उन्हें अब डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इतने लंबे समय बाद इस दवा का असर शरीर में नहीं रहता है।

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