#अपराध
February 19, 2026
हिमाचल: प्रेमी कपल ने घर बुलाकर की युवक की ह.त्या- नहर में फेंका शव, मिली उम्रकैद की सजा
5 साल पुराने मोहाली हत्याकांड में सजा, हमीरपुर के युवक को आजीवन कारावास
शेयर करें:

हमीरपुर। पंजाब के मोहाली में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड में जिला अदालत ने फैसला सुनाते हुए हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से जुड़े आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला न सिर्फ पंजाब बल्कि हिमाचल में भी चर्चा का विषय रहा, क्योंकि मुख्य आरोपी हिमाचल के नादौन क्षेत्र का निवासी है।
मोहाली जिला अदालत ने हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने के मामले में पंकज शर्मा निवासी गांव बेला, थाना नादौन, जिला हमीरपुर और दलजीत कौर निवासी कपूरथला को दोषी ठहराया है।
कोर्ट ने दोनों को IPC की धारा 302, 364, 201 और 120-बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई करीब 4 साल, 3 महीने और 8 दिन तक चली।
यह भी पढ़ें: CM सुक्खू आज जम्मू -कश्मीर जाएंगे: उमर अब्दुल्ला से होगी विशेष चर्चा, मिलकर बनाएंगे केंद्र पर दबाव
यह मामला फरवरी 2021 का है। 13 फरवरी को मोहाली के मटौर थाने में FIR दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि 10 और 11 फरवरी की दरम्यानी रात को आरोपियों ने सुनील कुमार को बस्सी पठाना स्थित दलजीत कौर के घर बुलाया।
यह भी पढ़ें: हिमाचल राज्यसभा चुनाव : बाहरी बनाम लोकल फिर बना मुद्दा, कांग्रेस के सामने चुनौती- BJP भी...
यहां शराब पिलाकर उसे बेहोश किया गया और बाद में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को भाखड़ा नहर में फेंक दिया गया और सुनील की कार कजौली ब्रिज के पास छोड़ दी गई।
जांच के दौरान सुनील कुमार का शव नहर से बरामद हुआ। उसके हाथ बंधे हुए थे और मुंह पर टेप व रूमाल लिपटा था। कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों में एक गवाह का बयान अहम रहा, जिसने आरोपियों को मृतक की कार के पास देखा था।
इसके अलावा दलजीत कौर की एक्टिवा से मिली एक माफी की चिट्ठी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से भी आरोपियों और पीड़ित की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक सुनील कुमार मोहाली में किराना और कन्फेक्शनरी की दुकान चलाता था। आरोपी पंकज शर्मा और दलजीत कौर मार्केटिंग के काम से जुड़े थे और सुनील से उनका कारोबारी संपर्क था।
यह भी पढ़ें: हिमाचल की सेब मंडियों में बड़ा खेल! 8 करोड़ की ठगी कर फरार हुए आढ़ती - APMC पर सवाल
जांच के अनुसार दलजीत कौर के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और काम के दौरान पंकज व दलजीत के बीच संबंध बन गए थे। आरोप है कि सुनील के पास उनसे जुड़ी कुछ तस्वीरें थीं, जिनके आधार पर वह उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। साथ ही पंकज के पैसे भी वापस नहीं कर रहा था। इसी से छुटकारा पाने के लिए हत्या की साजिश रची गई।
फैसला सुनाते हुए जज हरदीप सिंह ने कहा कि यह पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई हत्या का स्पष्ट मामला है। हालांकि कोर्ट ने इसे “रेयर ऑफ रेयर” श्रेणी में नहीं माना और फांसी की सजा के बजाय आजीवन कारावास दिया।दोनों दोषियों पर कुल 2.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 2.50 लाख रुपये पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में फीकी पड़ी सर्दी : अगले 4 दिन तक नहीं होगी बारिश-बर्फबारी, किसान-बागवान निराश
मृतक सुनील कुमार के भाई और बेटे ने कोर्ट में गवाही देते हुए आरोपियों के साथ कारोबारी और निजी विवाद की पुष्टि की। परिवार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और इसे न्याय की जीत बताया है।