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January 27, 2026

हिमाचल : निजी जमीन पर अवैध खनन करवाना पड़ा भारी, MLA बोले- 2.5 करोड़ तक भरना होगा जुर्माना

विधायक बोले- आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहेगा मामला

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Illegal Mining

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। अपनी निजी जमीनों पर गैरकानूनी तरीके से खनन की अनुमति देने वाले 9 परिवारों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।

PWD व खनन विभाग की टीम जल्द केरेंगी निरीक्षण

दरअसल, अपने आधिकारिक फ़ेसबुक पेज से वीडियो के माध्यम से स्थानीय विधायक भवानी सिंह पठानिया ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। साथ ही स्पष्ट संकेत दिए हैं कि, दोषियों पर भारी आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई तय है। विधायक भवानी सिंह पठानिया ने बताया कि एसडीएम फतेहपुर द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब मामले की गहन जांच शुरू की जा रही है।

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इसके तहत लोक निर्माण विभाग (PWD) और खनन विभाग की संयुक्त टीम जल्द ही संबंधित स्थलों का निरीक्षण करेगी। सर्वे के दौरान यह आकलन किया जाएगा कि अवैध खनन के जरिए कितनी मात्रा में खनिज सामग्री निकाली गई और इससे पर्यावरण व सरकारी संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा।

आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहेगा मामला

उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आकलन के अनुसार दोषी परिवारों पर लगाया जाने वाला जुर्माना 15–20 लाख रुपये से शुरू होकर 2 से 2.5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

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विधायक ने साफ किया कि यह मामला केवल आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

लंबे समय से स्थानीय लोग कर रहे थे शिकायतें

गौरतलब है कि फतेहपुर क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोग शिकायतें कर रहे थे। पहाड़ी इलाकों में हो रहे अनियंत्रित खनन से पर्यावरणीय नुकसान, सड़कें खराब होने और प्राकृतिक जल स्रोतों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।

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विधायक भवानी सिंह पठानिया इस मुद्दे को पहले भी दो बार विधानसभा में उठा चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन ने अब ठोस कदम उठाए हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन की यह सख्ती अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाएगी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में भी देखी जा रही है।

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