#विविध
April 24, 2025
हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 6.19 ग्राम चिट्टा आरोपी को नहीं दी जमानत; जानें क्या कहा
सोलन में दिसंबर 2024 में चिट्टे के साथ पकड़े गए थे दो आरोपी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में आए दिन नशा तस्कर पकड़े जा रहे हैं। जिसमें कई तस्कर ऐसे भी होते हैं, जिन पर पहले से एनडीपीएस के मामले दर्ज होते हैं। कई नशा तस्करों के पास नशे की कम मात्रा मिलने पर उन्हें कोर्ट से जमानत मिल जाती है और यह तस्कर जमानत मिलने के बाद फिर से नशे के कारोबार में जुट जाते हैं। ऐसे ही एक नशा तस्कर जमानत याचिका को हिमाचल हाईकोर्ट ने अब खारिज कर एक बड़ा संदेश दिया है।
दरअसल सोलन पुलिस ने 6.19 ग्राम चिट्टे के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने उसके पास से बरामद चिट्टे की मात्रा को मध्यम बताते हुए हिमाचल हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। लेकिन हिमाचल हाईकोर्ट ने उसकी इस याचिका को खारिज कर दिया। हिमाचल हाईकोर्ट ने सोलन पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट पर आरोपी की जमानत खारिज की।
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न्यायाधीश राकेश कैंथला की अदालत ने कहा कि पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट से पता चलता है कि आरोपी पर पहले भी लुधियाना और दिल्ली में एनडीपीएस की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसका मतलब है कि याचिकाकर्ता का आपराधिक इतिहास रहा है। अदालत ने कहा कि अगर आपराधिक प्रवृति के आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया तो इससे समाज और खास कर युवा वर्ग में एक गलत संदेश जाएगा।
बता दें कि सोलन पुलिस ने 19 दिसंबर 2024 को दो आरोपियों रामचंद्र निवासी पूर्वी दिल्ली और हैप्पी सिंह निवासी लुधियाना को 6ण्19 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। यह दोनों ही किराये के कमरे में रहते थे और इसी कमरे में पुलिस को दोनों आरोपियों के पास से चिट्टा मिला था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया था।
इसी बीच आरोपी रामचंद्र ने चिट्टे की मात्रा मध्यम बताते हुए हिमाचल हाईकोर्ट में जमानत की याचिका दायर की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने आरोपी की आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया। वहीं पुलिस ने भी हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें बताया गया था कि आरोपी पर पहले भी आपराधिक मुकदमे दायर हैं। ऐसी सूरत में इसे जमानत पर रिहा ना किया जाए। रिपोर्ट में याचिकाकर्ता को जमानत देने का विरोध किया गया है।