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April 11, 2025
हिमाचल: शिक्षा मंत्री बोले- काम पर लौटें वोकेशनल टीचर्स, हड़ताल से दबाव बनाना ठीक नहीं
80 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर
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शिमला। हिमाचल सरकार ने बीते दो हफ्ते से हड़ताल पर बैठे वोकेशनल टीचर्स से काम पर लौटने की अपील की है। शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य सचिवालय में विभागीय बैठक के बाद यह अपील की।
उन्होंने कहा कि वोकेशनल टीचर्स ने बातचीत करने की जगह हड़ताल का रास्ता अपनाया। इस तरह सरकार पर दबाव बनाना ठीक नहीं है। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार ने वोकेशनल टीचर्स के लिए जितना संभव हो सकता है किया। उनके लिए 20 दिन की छुट्टियों का भी प्रावधान किया गया है। आपको बता दें कि वोकेशनल टीचर्स की हड़ताल से सरकारी स्कूलों में 80 हजार से अधिक बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
असल में हिमाचल प्रदेश के वोकेशनल टीचर्स ठेके पर भर्ती के बजाय हरियाणा मॉडल पर शिक्षा विभाग के अधीन पक्की नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन हिमाचल सरकार इसके लिए तैयार नहीं है।
बिचौलियों को खत्म करने की मांग
शिक्षकों का कहना है कि निजी कंपनियों के माध्यम से काम करने से वेतन में देरी, अनिश्चितता और अन्य समस्याएं हो रही हैं। उदाहरण के लिए, कुछ शिक्षकों को महीनों तक वेतन नहीं मिला, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ी। वे चाहते हैं कि सरकार हरियाणा की तर्ज पर उनकी सेवाएं विभाग के अधीन करे, जिससे बिचौलियों का प्रभाव खत्म हो और वेतन समय पर मिले।
इसके अलावा, वे कहते हैं कि इससे सरकार का खर्च भी कम होगा, क्योंकि कंपनियों को दी जाने वाली राशि बचेगी। शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग ने उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और बातचीत के लिए भी नहीं बुलाया।
मर्जर पर कैबिनेट लेगी फैसला
शिक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि कम स्टूडेंट वाले स्कूल-कॉलेज को मर्ज करने के मामले में कैबिनेट में फैसला होगा। इस मुद्दे को जल्दी की कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। शिक्षा विभाग ने अभी उन स्कूल-कॉलेजों की लिस्ट मांगी है, जहां कम स्टूडेंट हैं। 20 से कम छात्र संख्या वाले सेकेंडरी स्कूल को साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया जा सकता है। कॉलेज में यदि 100 से कम छात्र हैं तो वहां भी उसे नजदीकी कॉलेज में मर्ज किया जाएगा। इसके लिए हिमाचल सरकार ने मानक तय किए हैं और मर्जर की प्रक्रिया उन्हीं मानकों के आधार पर की जाएगी।