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January 18, 2026
हिमाचल: पल्लवी केस में नया मोड, रैगिंग को लेकर शिक्षा विभाग की रिपोर्ट मे चौंकाने वाला खुलासा
प्रोफेसर और दो छात्राओं की बढ़ा दी जमानत
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में जिला कांगड़ा के धर्मशाला में बहुचर्चित पल्लवी केस, जिसमें रैगिंग और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के चलते एक युवती की जान चली गई। इस केस ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मामले में आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर अशोक कुमार और दो अन्य युवतियों पर रैगिंग और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे। लेकिन हाल ही में शिक्षा विभाग से सामने आई जांच रिपोर्ट ने इस मामले में नई पहलुओं को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, रैगिंग के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
पल्लवी केस में जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। तीन दिन तक टीम ने कॉलेज जाकर सभी पक्षों के बयान दर्ज किए। अब जांच रिपोर्ट सचिव द्वारा सील बंद लिफाफे में मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार अगली कार्रवाई करेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले की असली स्थिति साफ होगी।
मृत छात्रा की मौत और रैगिंग व यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए अतिरिक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें तीन राजकीय कॉलेजों के प्राचार्य और शिक्षा विभाग का एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
कमेटी ने जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान से देखा। सभी पक्षों से बात की और उनके बयान दर्ज किए। कॉलेज परिसर और क्लासरूम का भी निरीक्षण किया गया। इसके अलावा, पुलिस और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की कमेटी भी मामले की अलग से जांच कर रही है। सरकार ने मेडिकल बोर्ड भी बनाया है। मेडिकल बोर्ड तय करेगा कि मृत छात्रा के वीडियो में कही गई बातें कानूनी रूप से सबूत बनेंगी या नहीं।
इस मामले में आरोपी सहायक प्रोफेसर और दो छात्राओं की अंतरिम जमानत अब 13 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। जिला सत्र न्यायालय, धर्मशाला में शनिवार को हुई सुनवाई में अदालत ने यह फैसला लिया। इन आरोपियों की जमानत की पहले की अवधि इसी दिन खत्म हो रही थी। पुलिस ने मामले की स्थिति (स्टेटस रिपोर्ट) भी अदालत में जमा करवाई है।
इस केस में अब तक मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और डिजिटल सबूत नहीं आए हैं। पुलिस मामले की हर जानकारी जुटा रही है और हर पहलू की जांच कर रही है। मृत छात्रा से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच फोरेंसिक लैब में हो रही है। दो आरोपी छात्राओं के मोबाइल फोन भी जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल और डिजिटल रिपोर्ट आने के बाद ही मामले के कई पहलू साफ होंगे।