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December 25, 2025

हिमाचल: 5 साल में 9 बार दी परीक्षा, फिर भी पास नहीं हुए 10वीं 12वीं के 80 छात्र

अब इन छात्रों को करवाना होगा दोबारा पंजीकरण

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HPBoard SOS Result

धर्मशाला। एक ओर हिमाचल प्रदेश के कई छात्र कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर देश.दुनिया में नाम रोशन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जिनकी पढ़ाई के प्रति लापरवाही उनके भविष्य पर भारी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के 10वीं 12वीं के परीक्षा परिणाम के बाद एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इस परीक्षा परिणाम के बाद 80 ऐसे छात्र सामने आए हैं जिन्होंने पांच साल में 9 बार परीक्षा, लेकिन परिणाम हर बार फेल ही आया। यह 80 छात्र 9 बार परीक्षा देने के बाद भी पास नहीं हो पाए हैं।

80 छात्र 9 बार परीक्षा देकर भी नहीं हुए पास

मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से एसओएस प्रणाली के तहत पढ़ रहे इन 80 विद्यार्थियों को पिछले पांच वर्षों में परीक्षा पास करने के लिए कुल नौ मौके दिए गए थे। बावजूद इसके, 10वीं कक्षा के 46 और 12वीं कक्षा के 34 परीक्षार्थी हर बार असफल रहे। बोर्ड की ओर से अंतिम अवसर सितंबर 2025 की परीक्षा में दिया गया था, लेकिन इसमें भी ये विद्यार्थी सफलता हासिल नहीं कर पाए।

 

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फिर से करना होगा पंजीकरण

अब इन विद्यार्थियों के सामने एकमात्र विकल्प यह है कि वे दोबारा बोर्ड द्वारा संचालित एसओएस प्रणाली के तहत पंजीकरण करवाएं। पंजीकरण के बाद ही वे आगे 12वीं कक्षा की परीक्षा में बैठ सकेंगे। बोर्ड के नियमों के अनुसार, नए पंजीकरण के बाद छात्रों को फिर से परीक्षा पास करने के लिए निर्धारित अवसर मिलेंगे।

 

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बोर्ड ने घोषित किया परिणाम

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉण् मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि 23 दिसंबर को घोषित किए गए एसओएस परीक्षा परिणाम में यह स्थिति सामने आई है। उन्होंने कहा कि ये सभी विद्यार्थी पिछले पांच सालों से लगातार परीक्षा दे रहे थे और बोर्ड ने उन्हें पर्याप्त अवसर दिएए लेकिन वे उत्तीर्ण नहीं हो सके। ऐसे छात्रों को अब दोबारा पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

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मेहनत बनाम लापरवाही

शिक्षाविदों का कहना है कि यह स्थिति विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों के लिए आत्ममंथन का विषय है। जहां प्रदेश के अनेक छात्र सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम से बड़े मुकाम हासिल कर रहे हैं, वहीं कुछ छात्र पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लेते और बार.बार मौके मिलने के बाद भी असफल रह जाते हैं। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि शिक्षा में अवसर महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन सफलता का असली आधार निरंतर मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी ही होती है।

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