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July 10, 2025
हाईकोर्ट ने भेजा हिमाचल सरकार को नोटिस: जानें किस बात पर मांगा है जवाब
हाईकोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में बीते 20 दिनों के दौरान जमकर तबाही हुई है। दर्जनों जगह बादल फटे हैं, जिससे जानमाल और करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है। हिमाचल में मानसून की दस्तक होने के साथ ही प्रदेश में जो पहला बड़ा हादसा हुआ धर्मशाला के खनियारा में हुआ था, अब उस मामले पर हिमाचल हाईकोर्ट ने सख्त रुख इख्तियार कर लिया है।
ताजा अपडेट के अनुसार, हिमाचल हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले को स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार और सम्बंधित विभागों से जवाब मांगा है और वो कारण बताते को कहा है, जिसके कारण मजदूरों की जान गई थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस हादसे में कुल 8 मजदूर लापता हो गए थे, जिसमें से अबतक सात लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
इस हादसे की शुरूआती रिपोर्ट्स के अनुसार ये बताया गया था कि खनियारा स्थित इंद्र प्रियदर्शिनी जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे मजदूरों का क्वार्टर खड्ड के किनारे पर बनाया गया था और हादसे के वक्त वे सभी उसी में मौजूद थे। ऐसे में जब पानी का तेज बहाव नाले से गुजरा तो उन्हें घर सहित अपने साथ बहा ले गया।
ऐसे में अब हाईकोर्ट ने इन मजदूरों को दिए जाने वाले आवासों को लेकर चिता जताई है। चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस रंजन शर्मा की अदालत ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान इस मामले को संज्ञान में लिया है और प्रदेश सरकार समेत अन्य सम्बंधित विभागों को नोटिस जारी कर के उनसे जवाब मांगा है और मामले पर स्टेटस रिपोर्ट जमा करवाने को कहा है।
वहीं, हाईकोर्ट में लगाई गई इस जनहित याचिका में सवाल उठाए गए हैं कि खनियारा हादसे में अपनी जान गंवाने वाले मजदूरों को अबतक क्या लाभ दिए गए हैं। साथ ही इसमें बताया गया है कि यह हादसा इस वजह से पेश आया क्योंकि मजदूरों के आवास की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया था, जिसके कारण यह हादसा पेश आया।